
Mauni Amavasya: माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है, जो हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। इस दिन मौन रहकर स्नान, दान और भगवान की आराधना करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस पावन तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा के साथ उनके 108 नामों का जाप करना अनंत फलदायी होता है। यह जाप न केवल मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर भक्त के जीवन में सुख, शांति, सफलता और खुशहाली का संचार करता है।
मौनी अमावस्या 2026: भगवान विष्णु के 108 नामों के जाप से पाएं सुख-समृद्धि
मौनी अमावस्या 2026 पर भगवान विष्णु पूजन का महत्व
मौनी अमावस्या का दिन पितरों के तर्पण, स्नान और दान के लिए भी बेहद खास होता है। इस दिन किए गए पुण्य कर्मों से व्यक्ति को अक्षय फल की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि इस तिथि पर गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनहार माना जाता है, और उनके 108 नामों का जाप करने से उनके दिव्य आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। यह जाप जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर एक अद्भुत शुभ योग का निर्माण करता है, जिससे सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ता है।
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मौनी अमावस्या पर ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा
- मौनी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें। यदि यह संभव न हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु का ध्यान करें।
- एक चौकी पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- उन्हें पीले फूल, पीला चंदन, धूप, दीप, नैवेद्य (खीर या पीली मिठाई) अर्पित करें।
- हाथ में तुलसी की माला लेकर या बिना माला के भी “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- इसके बाद भगवान विष्णु के 108 नामों का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
- पूजा के अंत में आरती करें और भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
- इस दिन यथाशक्ति दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
मौनी अमावस्या का यह पावन अवसर आपके जीवन में खुशहाली लाए, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भगवान विष्णु के 108 पवित्र नाम
ॐ विष्णवे नमः। ॐ हरये नमः। ॐ केशवाय नमः। ॐ अच्युताय नमः। ॐ पुरुषोत्तमाय नमः। ॐ ऋषिकेशाय नमः। ॐ महाविष्णवे नमः। ॐ श्रीधराय नमः। ॐ गोविन्दाय नमः। ॐ नारायणाय नमः। ॐ वासुदेवाय नमः। ॐ पद्मनाभाय नमः। ॐ दामोदराय नमः। ॐ संकर्षणाय नमः। ॐ प्रद्युम्नाय नमः। ॐ अनिरुद्धाय नमः। ॐ नृसिंहाय नमः। ॐ आदित्याय नमः। ॐ माधवाय नमः। ॐ जनार्दनाय नमः। ॐ उपेन्द्राय नमः। ॐ मधुसूदनाय नमः। ॐ विराट् पुरुषाय नमः। ॐ सहस्रशीर्षाय नमः। ॐ भूतभविष्यत्भवे नमः। ॐ यज्ञाय नमः। ॐ सर्वभूतात्मने नमः। ॐ अनन्ताय नमः। ॐ मुकुन्दाय नमः। ॐ विश्वरूपाय नमः। ॐ सर्वगमाय नमः। ॐ सर्वात्मने नमः। ॐ परमेश्वराय नमः। ॐ परस्मै नमः। ॐ निर्गुणाय नमः। ॐ गुणात्मने नमः। ॐ जगद्बीजाय नमः। ॐ अव्यक्ताय नमः। ॐ अनादिमध्यान्ताय नमः। ॐ नित्यसिद्धाय नमः। ॐ निरंजनाय नमः। ॐ निरामयाय नमः। ॐ निष्कलकाय नमः। ॐ नित्यशुद्धाय नमः। ॐ महातेजसे नमः। ॐ महाधराय नमः। ॐ महाबाहवे नमः। ॐ महायोगिने नमः। ॐ महाबलाय नमः। ॐ महाप्रभवे नमः। ॐ महाबुद्धये नमः। ॐ महावीर्याय नमः। ॐ महाशक्तये नमः। ॐ महाद्युतये नमः। ॐ अनन्ताय नमः। ॐ सर्वगाय नमः। ॐ सर्वरूपाय नमः। ॐ सर्वेशाय नमः। ॐ सर्वज्ञाताय नमः। ॐ सर्वदर्शनाय नमः। ॐ सर्वसाक्षिणे नमः। ॐ सर्वकारणाय नमः। ॐ सर्वक्रियाय नमः। ॐ सर्वधर्मज्ञाय नमः। ॐ सर्वलोकपालाय नमः। ॐ सर्वपूज्याय नमः। ॐ सर्वसत्त्वरंजनाय नमः। ॐ परायणाय नमः। ॐ परमोदाराय नमः। ॐ परमाराध्यय नमः। ॐ परमपुण्यदाय नमः। ॐ परमतीर्थाय नमः। ॐ परमोत्कृष्टाय नमः। ॐ परमार्थप्रदाय नमः। ॐ परं ज्योतिषे नमः। ॐ परात्पराय नमः। ॐ परब्रह्मणे नमः। ॐ परधाम्ने नमः। ॐ परमधाम्ने नमः। ॐ परमपुरुषाय नमः। ॐ परमदेवाय नमः। ॐ परमरूपाय नमः। ॐ परंपूज्याय नमः। ॐ परमानन्दाय नमः। ॐ परमानुग्रहाय नमः। ॐ परमकृपायै नमः। ॐ परमदयावे नमः। ॐ परमार्थाय नमः। ॐ परमार्थप्रदाय नमः। ॐ सर्वसंसारनाशाय नमः। ॐ सर्वदुःखहराय नमः। ॐ सर्वपापविनाशाय नमः। ॐ सर्वमंगलदाय नमः। ॐ सर्वकामप्रदाय नमः। ॐ श्रीविष्णवे नमः।
मौनी अमावस्या का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व
मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन मनुष्य को अपने मन, वचन और कर्म से मौन रहने का संकल्प लेना चाहिए। मौन व्रत से आत्म-शुद्धि होती है और मन को एकाग्रता प्राप्त होती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के पीछे यह मान्यता है कि इससे शरीर और आत्मा दोनों शुद्ध होते हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन विशेष होता है, क्योंकि इस दिन ग्रह-नक्षत्रों का एक विशेष शुभ योग बनता है, जो आध्यात्मिक उन्नति के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन दान-पुण्य करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है।
मौनी अमावस्या का यह पावन पर्व हमें आत्मचिंतन और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान विष्णु के इन पावन नामों का जाप कर आप न केवल अपने जीवन को धन्य कर सकते हैं, बल्कि आध्यात्मिक शांति भी प्राप्त कर सकते हैं। यह दिन आपके लिए सुख, समृद्धि और आरोग्य लेकर आए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।








