New Year Auspicious Work: नया साल, एक पवित्र आरंभ, नए संकल्पों और आशाओं का पुनीत प्रतीक है। यदि वर्ष का शुभारंभ शुभ कार्यों और सकारात्मक ऊर्जा के साथ किया जाए, तो यह पूरे वर्ष सुख, समृद्धि और सफलता के द्वार खोलता है।
नए साल में New Year Auspicious Work: सुख-समृद्धि के लिए करें ये शुभ कार्य
New Year Auspicious Work: नववर्ष पर ऐसे करें शुभ कार्यों का आरंभ
नए साल का प्रथम दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन की गई क्रियाएं और अपनाई गई सकारात्मक दिनचर्या पूरे वर्ष के लिए मार्ग प्रशस्त करती है। ज्योतिष शास्त्र और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ विशेष कार्यों को नववर्ष के पहले दिन करने से ग्रह अनुकूल होते हैं और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। इस पवित्र अवसर पर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं, बल्कि अपने भीतर एक नई ऊर्जा को जागृत करने का क्षण है। विशेष रूप से किसी भी कार्य के लिए शुभ मुहूर्त का विचार कर, यदि हम अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करें, तो इसके लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं। नववर्ष पर शुभ कार्यों के लिए सामान्य शुभ मुहूर्त का विचार इस प्रकार है:
नववर्ष पर करें ये शुभ कार्य
- प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठें: नए साल के पहले दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि से निवृत्त हों। यह शरीर और मन को शुद्ध करता है।
- सूर्य को अर्घ्य दें: उगते सूर्य को जल में रोली और अक्षत मिलाकर अर्घ्य दें। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है।
- इष्टदेव की पूजा-अर्चना करें: अपने घर के मंदिर में अपने इष्टदेव का ध्यान करें, उनकी आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।
- गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें: अन्न, वस्त्र या धन का दान करना नए साल पर अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
- संस्कार और नैतिकता का पालन: परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लें और पूरे दिन मधुर वाणी बोलें। किसी से भी कटु वचन न कहें।
- घर में स्वच्छता और सजावट: नववर्ष पर घर को साफ-सुथरा रखें और सकारात्मक ऊर्जा के लिए फूलों व दीपों से सजाएं।
नववर्ष पर शुभ कार्यों के लिए सामान्य शुभ मुहूर्त
| तिथि | वार | प्रारंभिक शुभ समय | अंतिम शुभ समय |
|---|---|---|---|
| 1 जनवरी, 2026 | गुरुवार | प्रातः 06:30 बजे से | दोपहर 12:00 बजे तक |
| (विक्रम संवत) |
नववर्ष का आध्यात्मिक महत्व
नववर्ष केवल एक कैलेंडर वर्ष का बदलाव नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के चक्र में एक नया अध्याय है। प्राचीन भारतीय ज्योतिष में वर्ष प्रतिपदा का विशेष महत्व है, जो चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। हालांकि, ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी को भी हम एक नई शुरुआत के रूप में देखते हैं। इस दिन मन को शांत रखकर आत्मचिंतन करना और आने वाले वर्ष के लिए सकारात्मक योजनाएं बनाना बेहद कल्याणकारी होता है। यह दिन हमें बीती हुई बातों को भूलकर, भविष्य की ओर आशावादी दृष्टिकोण से बढ़ने की प्रेरणा देता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने जीवन को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलाएंगे।
संकल्प और मंत्र
नए साल पर अपने मन में शुभ संकल्प लें और कुछ विशेष मंत्रों का जाप करें।
”’ॐ गं गणपतये नमः।”’
”’ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।”’
इन मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और दैवीय ऊर्जा का संचार होता है।
निष्कर्ष और उपाय
इस प्रकार, नए साल का पहला दिन केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक रूप से स्वयं को समृद्ध करने का भी अवसर है। यदि आप इन सरल और प्रभावी उपायों को अपनाते हैं, तो निश्चित रूप से आने वाला वर्ष आपके लिए सुख, समृद्धि और सफलता से परिपूर्ण होगा। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें अपने कार्यों की शुरुआत हमेशा सकारात्मकता और पूर्ण विश्वास के साथ करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






