



Paush Amavasya 2025: यह साल 19 दिसंबर 2025 को पड़ने वाली पौष अमावस्या पितरों की आत्मा की शांति और उन्हें प्रसन्न करने का एक पावन अवसर है। इस दिन स्नान, दान और तर्पण का विशेष महत्व है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पौष अमावस्या 2025: पाएं पितरों की शांति, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
पौष अमावस्या 2025: जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2025 में पौष अमावस्या का पावन पर्व 19 दिसंबर को मनाया जाएगा। यह अमावस्या विशेष रूप से पितरों को समर्पित होती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पौष अमावस्या के दिन सुबह सूर्योदय के समय पवित्र नदी, कुंड या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। स्नान के पश्चात सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। आप धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/dharm-adhyatm/
इस दिन पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने का भी विधान है। माना जाता है कि इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
स्नान-दान का शुभ मुहूर्त:
| पौष अमावस्या प्रारंभ | 18 दिसंबर 2025, रात्रि 10:41 बजे |
| पौष अमावस्या समाप्त | 19 दिसंबर 2025, रात्रि 09:21 बजे |
| स्नान-दान का उत्तम समय | 19 दिसंबर 2025, सुबह 07:00 बजे से 08:30 बजे तक |
पितरों के लिए उपाय:
पौष अमावस्या के दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाना और पितरों का ध्यान करना भी लाभकारी होता है।



