

फाल्गुन चतुर्थी पर गणपति पूजन: विघ्नों को करें दूर
फाल्गुन चतुर्थी व्रत और पूजन विधि का महत्व
Phalgun Chaturthi: सनातन धर्म में चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। हर माह में पड़ने वाली चतुर्थी का विशेष महत्व होता है, और फाल्गुन मास की चतुर्थी भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत शुभ दिन है। इस पवित्र दिन पर विधिवत गणपति पूजन करने से जीवन के समस्त विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। जो भक्त पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ इस व्रत का पालन करते हैं, उनके जीवन से संकटों का निवारण होता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, और उनकी उपासना से हर कार्य में सफलता मिलती है। यह व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति, रोगों से मुक्ति और आर्थिक समृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है। इस पावन अवसर पर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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पूजन सामग्री की सूची
गणेश जी की प्रतिमा, लाल वस्त्र, रोली, चंदन, मोदक या लड्डू, दूर्वा घास, पान, सुपारी, धूप, दीप, अक्षत, फल, फूल, जल कलश।
फाल्गुन चतुर्थी पूजन विधि
- सुबह स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें।
- गणेश जी को लाल वस्त्र अर्पित करें।
- रोली, चंदन, अक्षत, दूर्वा, धूप, दीप, नैवेद्य (मोदक या लड्डू) अर्पित करें।
- भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें।
- संकल्प लें और व्रत का नियम पूर्वक पालन करने का वचन लें।
- गणेश चालीसा का पाठ करें और व्रत कथा सुनें।
- चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य दें।
- पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद वितरण करें।
फाल्गुन चतुर्थी शुभ मुहूर्त
गणेश जी के विशेष मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः॥
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
व्रत का महत्व और लाभ
यह व्रत समस्त पापों का नाश कर पुण्यफल प्रदान करता है। जो भक्त निष्ठापूर्वक इस दिन का पालन करते हैं, उन्हें भगवान गणेश बुद्धि, विद्या, धन और संतान का आशीर्वाद देते हैं। यह व्रत कष्टों से मुक्ति दिलाकर जीवन में शांति और समृद्धि लाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
निष्कर्ष एवं उपाय
फाल्गुन चतुर्थी का यह पावन दिन भगवान गणेश की कृपा पाने का सुनहरा अवसर है। इस दिन सच्चे मन से की गई आराधना निश्चित रूप से फलदायी होती है। संकटों का निवारण कर सुखमय जीवन की कामना रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इस व्रत का पालन अवश्य करना चाहिए। गणपति बप्पा आपकी सभी इच्छाएं पूर्ण करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



