back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 3, 2026
spot_img

Pradosh Vrat December 2025: साल का अंतिम प्रदोष व्रत और दुर्लभ शुभ योग

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Pradosh Vrat December 2025: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और फलदायी अनुष्ठान माना जाता है। मार्गशीर्ष मास का यह अंतिम प्रदोष व्रत विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिसंबर 2025 में पड़ रहा है और कई दुर्लभ शुभ योगों का निर्माण कर रहा है। शिव कृपा प्राप्त करने के लिए यह एक अनुपम अवसर है।

- Advertisement -

Pradosh Vrat December 2025: साल का अंतिम प्रदोष व्रत और दुर्लभ शुभ योग

प्रदोष व्रत दिसंबर 2025: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और फलदायी अनुष्ठान माना जाता है। मार्गशीर्ष मास का यह अंतिम प्रदोष व्रत विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिसंबर 2025 में पड़ रहा है और कई दुर्लभ शुभ योगों का निर्माण कर रहा है। शिव कृपा प्राप्त करने के लिए यह एक अनुपम अवसर है। इस विशेष दिन पर महादेव की आराधना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को पड़ता है, जब भगवान शिव संध्या काल में कैलाश पर्वत पर तांडव करते हैं और भक्तों को दर्शन देते हैं। इस बार, यह व्रत सोम प्रदोष के रूप में पड़ने के कारण इसका महत्व और भी अधिक बढ़ गया है, जिससे व्रती को अनंत पुण्यफल की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/dharm-adhyatm/

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  होलिका दहन: ग्रह दोषों से मुक्ति के अचूक उपाय और परिक्रमा विधि

Pradosh Vrat December 2025: महत्व और पूजा विधि

प्रदोष व्रत पूजा विधि

  • प्रदोष व्रत के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • घर के मंदिर में शिवजी के सामने व्रत का संकल्प लें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।
  • दिन भर फलाहार करते हुए या निराहार रहकर व्रत का पालन करें।
  • शाम को प्रदोष काल (सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय) में पुनः स्नान करें।
  • भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
  • शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से अभिषेक करें।
  • बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, चंदन, रोली, अक्षत, धूप-दीप अर्पित करें।
  • भगवान शिव को भोग में मिठाई और फल चढ़ाएं।
  • प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें और शिव चालीसा का वाचन करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र का जाप करें।
  • आरती करें और सभी में प्रसाद वितरित करें।
यह भी पढ़ें:  होलिका दहन: ग्रह दोषों से मुक्ति के अचूक Holika Dahan Remedies

प्रदोष व्रत दिसंबर 2025 शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत तिथिसोमवार, 29 दिसंबर 2025
मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी प्रारंभ29 दिसंबर 2025, सुबह 03:00 बजे
मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी समाप्त30 दिसंबर 2025, सुबह 04:30 बजे
प्रदोष काल पूजा का शुभ समय29 दिसंबर 2025, शाम 05:00 बजे से शाम 06:30 बजे तक

यह प्रदोष व्रत मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को पड़ रहा है। इस वर्ष दिसंबर में पड़ रहा यह अंतिम प्रदोष व्रत कई विशेष शुभ योगों के साथ आ रहा है, जो इसे अत्यंत दुर्लभ और फलदायी बनाता है। इस दिन सोमवार होने के कारण यह ‘सोम प्रदोष’ के रूप में जाना जाएगा, जिसका महत्व भगवान शिव की कृपा प्राप्ति के लिए अत्यधिक माना जाता है। मान्यता है कि सोम प्रदोष के दिन व्रत रखने और विधि-विधान से शिव पूजन करने से चंद्रमा से संबंधित दोष दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस विशेष अवसर पर किए गए दान-पुण्य और तप का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

पूजन के दौरान इन मंत्रों का जाप करें:

ॐ नमः शिवाय।महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

प्रदोष व्रत का पालन करने से व्यक्ति को रोग-दोष से मुक्ति मिलती है, संतान सुख की प्राप्ति होती है और समस्त प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। इस विशेष दिन पर भगवान शिव और माता पार्वती की एक साथ पूजा करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। प्रदोष व्रत के दिन शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करना तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धापूर्वक किया गया यह व्रत जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाता है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

पश्चिम एशिया में तनाव: क्या Crude Oil Prices दुनिया को मंदी की ओर धकेलेंगे?

Crude Oil Prices: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव ने दुनिया भर के तेल...

चंद्र ग्रहण 2026: भारत में कब और कैसे देखें यह अद्भुत नज़ारा, मोबाइल पर लाइव स्ट्रीमिंग का भी मिलेगा मौका

Lunar Eclipse: साल 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित खगोलीय घटनाओं में से एक, पूर्ण चंद्र...

Rupali Ganguly ने PM मोदी और भारतीय सेना को किया सलाम, कहा- ‘भारत में सुरक्षित महसूस करती हूं’

Rupali Ganguly News: मिडिल ईस्ट में जारी भूचाल ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख...

Kal Ka Rashifal 04 मार्च 2026: जानिए कल का आपका ज्योतिषीय भविष्य

Kal Ka Rashifal: प्रातःकाल की प्रथम किरण के साथ ही ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रवाह...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें