back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 11, 2026
spot_img

धन छिन जाने पर क्या करें? प्रेमानंद जी महाराज Updesh से पाएं समाधान

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Premanand Ji Maharaj Updesh: पूज्य श्री प्रेमानंद जी महाराज के पावन चरणों में कोटि-कोटि नमन। जीवन की यात्रा में हमें अनेक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें से कुछ अत्यंत पीड़ादायक होती हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अर्जित धन को खो देता है, तो उसके मन में गहरी निराशा, क्रोध और घृणा का भाव उत्पन्न होना स्वाभाविक है। यह वेदना इतनी तीव्र होती है कि व्यक्ति स्वयं को भीतर से जला हुआ महसूस करता है मन में उस व्यक्ति के प्रति कटुता भर जाती है जिसने उसके धन का हरण किया है, और इसी कटुता में व्यक्ति अपना अधिकांश समय मानसिक कष्ट भोगते हुए बिताता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति स्वयं के लिए ही अधिक दुःख का कारण बनता है।

- Advertisement -

धन छिन जाने पर क्या करें? प्रेमानंद जी महाराज Updesh से पाएं समाधान

कठिन समय में प्रेमानंद जी महाराज Updesh का महत्व

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रेमानंद जी महाराज ने भक्तों को ऐसी विकट परिस्थिति से उबरने के लिए एक अत्यंत सरल और प्रभावशाली उपाय बताया है, जो न केवल मन को शांति प्रदान करता है बल्कि जीवन को एक नई दिशा भी देता है। महाराज श्री बताते हैं कि जब आपका धन कोई हर ले और आपके मन में घृणा, क्रोध या प्रतिशोध की भावना जागृत हो, तो उस समय सबसे पहले अपने अंतर्मन को शांत करें। यह समझना आवश्यक है कि जो घटना घट चुकी है, उसे बदला नहीं जा सकता।

- Advertisement -

आपका मन जब उस व्यक्ति के प्रति नकारात्मक विचारों से भर जाए, तो एक क्षण रुककर विचार करें कि इस क्रोध से आपको क्या प्राप्त हो रहा है। क्या यह क्रोध आपके धन को वापस लाएगा? क्या यह आपके मन की शांति को बढ़ाएगा? उत्तर होगा नहीं। महाराज श्री कहते हैं कि ऐसे में ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रखें। यह प्रभु की लीला है और उनकी इच्छा के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। इस घटना को भी प्रभु की इच्छा मानकर स्वीकार करें।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  शिवलिंग पर जलधारा: Shivling Water Pot का क्या है रहस्य और क्यों बांधी जाती है मटकी?

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका समाधान यह है कि जब भी यह विचार आपके मन में आए, तो उस व्यक्ति के लिए, जिसने आपका धन हड़पा है, प्रभु से उसके कल्याण की कामना करें। हां, यह सुनने में कठिन लग सकता है, पर यही मार्ग मुक्ति का है। जब आप किसी के लिए बुरा नहीं सोचते और उसके भले की कामना करते हैं, तो आपका मन स्वयं ही शांत होने लगता है। यह कृत्य आपको नकारात्मकता के बंधन से मुक्त कर देता है और आपको सच्ची मन की शांति का अनुभव होता है।

यह उपाय केवल उस व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि आपके अपने आध्यात्मिक उत्थान के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह आपको करुणा और क्षमा के मार्ग पर ले जाता है, जो सच्चे संतोष का आधार है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

अतः, प्रेमानंद जी महाराज का यह उपदेश हमें सिखाता है कि धन के नुकसान से उत्पन्न हुए क्रोध और घृणा में फंसने के बजाय, हमें ईश्वरीय विधान पर भरोसा रखना चाहिए और अपने मन को क्षमा तथा कल्याण की भावना से भरना चाहिए। यही वह सरल उपाय है जो हमें आंतरिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाता है, जिससे हम जीवन के हर उतार-चढ़ाव में स्थिर रह पाते हैं। यह केवल धन का मामला नहीं, बल्कि मन की पवित्रता और आत्मा के उत्थान का मार्ग है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Salman Khan के रिश्तेदार को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस जांच में जुटी!

Salman Khan: बॉलीवुड में इन दिनों जैसे सितारों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा...

दिल्ली विश्वविद्यालय में DU Assistant Professor Recruitment: 600 पदों पर जल्द होगी भर्ती, जानें पूरी प्रक्रिया

DU Assistant Professor Recruitment: दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में लंबे समय से शिक्षकों...

हिंदू नव वर्ष 2026: विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ और चैत्र नवरात्रि

Hindu New Year 2026: सनातन धर्म में प्रत्येक नए वर्ष का आगमन केवल कैलेंडर...

अमेरिकी व्यापार समझौते के झटके से Indian Rupee लड़खड़ाया, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा

Indian Rupee: अमेरिकी व्यापार समझौते में संशोधन की खबरों के बीच भारतीय रुपया डॉलर...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें