

Ramadan Iftar: पवित्र रमजान माह में इफ्तार का समय हर रोजेदार के लिए सुकून और शांति का पैगाम लेकर आता है। इस मुबारक महीने में रोज़ा रखने वालों के लिए इफ्तार का एक विशेष महत्व है, और इसकी शुरुआत खजूर से करने की परंपरा सदियों पुरानी है। खजूर से इफ्तार करना न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से शुभ माना जाता है, बल्कि यह सेहत के लिए भी अनमोल फायदे लेकर आता है। आइए, जानते हैं रमजान में खजूर के इस महत्व, इसकी सुन्नत परंपरा और रोजा खोलते समय इसे खाने के सेहतमंद लाभों के बारे में विस्तार से।
रमजान इफ्तार: खजूर से इफ्तार का धार्मिक महत्व और सेहतमंद लाभ
रमजान इफ्तार की सुन्नत परंपरा: खजूर से ही क्यों करें शुरुआत?
इस्लाम धर्म में रमजान का महीना खुदा की इबादत और आत्म-शुद्धि का प्रतीक है। पूरे दिन रोज़ा रखने के बाद शाम को इफ्तार के समय जब रोज़ा खोला जाता है, तो इसकी शुरुआत खजूर से करने की परंपरा रही है। यह केवल एक रीति नहीं, बल्कि पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की एक प्यारी **सुन्नत** है। ऐसा माना जाता है कि पैगंबर मुहम्मद ने स्वयं खजूर और पानी से अपना रोज़ा खोला था, जिससे यह प्रथा इस्लामिक संस्कृति का एक अभिन्न अंग बन गई। खजूर न केवल तत्काल ऊर्जा प्रदान करता है बल्कि धार्मिक सद्भाव और परंपरा का प्रतीक भी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
खजूर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व
खजूर का वृक्ष इस्लाम में एक पवित्र स्थान रखता है और कुरान में इसका कई बार उल्लेख मिलता है। इसे अल्लाह की नेमत और जन्नत का फल माना जाता है। रमजान में खजूर खाने से आध्यात्मिक शांति मिलती है और रोज़ेदार अल्लाह के करीब महसूस करता है। यह सादगी, पोषण और पवित्रता का संदेश देता है, जो रमजान की भावना के अनुरूप है।
खजूर खाने के वैज्ञानिक और स्वास्थ्य लाभ
खजूर केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी इफ्तार के लिए एक उत्तम विकल्प है। दिन भर के उपवास के बाद शरीर को तुरंत ऊर्जा और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। खजूर इस आवश्यकता को बखूबी पूरा करता है:
त्वरित ऊर्जा: खजूर प्राकृतिक शर्करा (ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज) से भरपूर होता है, जो रोज़ा खोलने पर शरीर को तत्काल ऊर्जा प्रदान करता है।
पाचन में सहायक: खजूर में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाता है, जो उपवास के दौरान आम हो सकती हैं।
पोषक तत्वों का भंडार: यह पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी6 और आयरन जैसे महत्वपूर्ण खनिजों और विटामिनों से भरपूर होता है, जो शरीर को आवश्यक पोषण देते हैं।
पानी की कमी पूरी करना: खजूर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, जिससे पानी की कमी से होने वाली कमजोरी कम होती है।
इफ्तार में खजूर का सेवन कैसे करें:
इफ्तार के समय खजूर का सेवन सरल और पवित्र माना जाता है। इसकी विधि इस प्रकार है:
* रोज़ा खोलने से पहले अल्लाह का नाम लेकर दुआ करें।
* सबसे पहले एक या तीन (विषम संख्या में) खजूर खाएं।
* इसके तुरंत बाद पानी पिएं।
* खजूर खाने के बाद आप अन्य इफ्तार व्यंजन ले सकते हैं।
निष्कर्ष
रमजान में खजूर से इफ्तार की परंपरा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आध्यात्मिक लाभों का एक सुंदर मिश्रण है। यह न केवल शरीर को पोषण देता है, बल्कि आत्मा को भी शांति और संतोष प्रदान करता है। इफ्तार के समय खजूर को अपनी थाली का हिस्सा बनाकर आप पैगंबर की सुन्नत का पालन करते हुए खुद को स्वस्थ और ऊर्जावान भी रख सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक ऐसी परंपरा है जो सदियों से चली आ रही है और भविष्य में भी कायम रहेगी।




