

Ramadan Sehri Iftar Timing: पवित्र माह रमजान की शुरुआत के साथ ही पटना सहित पूरे विश्व में इबादत और रूहानियत का माहौल बन गया है। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरे अकीदत और एहतराम के साथ रोजे रखकर सब्र और परहेजगारी का पैगाम दिया है। रमजान का यह पाक महीना आत्मशुद्धि और अल्लाह की रजा हासिल करने का उत्तम अवसर है।
रमजान सहरी इफ्तार टाइमिंग: इबादत का पाक महीना
इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना रमजान, बरकतों और रहमतों का महीना माना जाता है। इस दौरान रोजेदार सूर्योदय से पहले सेहरी करते हैं और सूर्यास्त के बाद इफ्तार करके अपना रोजा खोलते हैं। पूरे महीने मुसलमान दिन भर भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं और दुआओं में मशगूल रहते हैं। यह महीना न सिर्फ शारीरिक संयम सिखाता है, बल्कि आत्मिक शुद्धि और सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रमजान सहरी इफ्तार टाइमिंग: पटना के लिए विशेष जानकारी
रमजान के दौरान सेहरी और इफ्तार के समय का विशेष महत्व होता है। रोजेदारों के लिए यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि किस दिन किस समय उन्हें सेहरी करनी है और किस समय इफ्तार। यहां पटना शहर के लिए 19 फरवरी 2026 से 20 मार्च 2026 तक की अनुमानित सेहरी और इफ्तार टाइमिंग दी गई है, जिसमें तिथि के अनुसार बदलाव हो सकते हैं।
पटना में सेहरी और इफ्तार का निर्धारित समय
| तिथि | सेहरी (सुबह) | इफ्तार (शाम) |
|---|---|---|
| 19 फरवरी | 05:15 बजे | 06:00 बजे |
| 25 फरवरी | 05:10 बजे | 06:05 बजे |
| 05 मार्च | 05:00 बजे | 06:10 बजे |
| 12 मार्च | 04:55 बजे | 06:15 बजे |
| 20 मार्च | 04:45 बजे | 06:20 बजे |
रमजान के पवित्र रोजे और उनका महत्व
रमजान में रोजे रखने का उद्देश्य केवल भूखा-प्यासा रहना नहीं, बल्कि अपनी इंद्रियों को नियंत्रित करना, बुराई से दूर रहना और अल्लाह की ओर पूरी तरह से उन्मुख होना है। इस महीने में किए गए नेक कामों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। रोजेदार अपनी ज़कात और सदक़ा के माध्यम से गरीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करते हैं, जिससे समाज में भाईचारा और प्रेम बढ़ता है। यह महीना आत्म-चिंतन, प्रार्थना और कुरान पाठ के लिए समर्पित होता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
उपाय एवं निष्कर्ष
रमजान का महीना हमें धैर्य, संयम और दूसरों के प्रति सहानुभूति का पाठ सिखाता है। इस पवित्र महीने में अधिक से अधिक इबादत करें, कुरान पढ़ें, गरीबों की सहायता करें और अपने गुनाहों की माफी मांगें। यही इस पाक महीने का असली संदेश है। अल्लाह हम सबकी दुआएं कुबूल फरमाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





