
Ratha Saptami: हिंदू धर्म में रथ सप्तमी का पर्व अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन भगवान सूर्यदेव को समर्पित है, जब उनकी विशेष कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भक्तगण श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करते हैं।
रथ सप्तमी 2026: सूर्यदेव की कृपा हेतु करें ये विशेष दान
रथ सप्तमी का महत्व और दान का फल
हिंदू धर्म में रथ सप्तमी का पर्व अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन भगवान सूर्यदेव को समर्पित है, जब उनकी विशेष कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भक्तगण श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करते हैं। यह माना जाता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फलदायी होता है और व्यक्ति को आरोग्य, धन तथा सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रथ सप्तमी के अवसर पर कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने से सूर्य देव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यह एक ऐसा दिन है जब सूर्य उपासना के साथ-साथ निःस्वार्थ दान का संकल्प लेना चाहिए।
रथ सप्तमी को सूर्य जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन सूर्य देव का जन्म हुआ था। यह माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को पड़ता है। इस दिन भक्त पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं और उनकी उपासना करते हैं। जो समस्त पापों का नाश कर पुण्यफल प्रदान करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दान की वस्तुएं
रथ सप्तमी के पावन अवसर पर निम्नलिखित वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है:
गेहूं और गुड़: गेहूं सूर्य देव का प्रिय अनाज है और गुड़ मिठास का प्रतीक है। इनका दान करने से व्यक्ति को आरोग्य और धन की प्राप्ति होती है।
लाल वस्त्र: लाल रंग सूर्य देव को अति प्रिय है। लाल वस्त्रों का दान करने से ग्रहदोष शांत होते हैं और सम्मान में वृद्धि होती है।
तांबा: तांबे के बर्तन या कोई अन्य तांबे की वस्तु दान करने से सूर्य ग्रह मजबूत होता है, जिससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है।
घी और तेल: घी का दान करने से सुख-समृद्धि आती है और तेल का दान करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है।
नमक: नमक का दान करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और शांति बनी रहती है।
फल और सब्जियां: मौसमी फलों और सब्जियों का दान करने से घर में अन्नपूर्णा का वास होता है और कभी धन की कमी नहीं होती।
जायफल: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जायफल का दान करने से बुद्धि में वृद्धि होती है और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है।
रथ सप्तमी के दिन सूर्य देव की उपासना करते समय इस मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है:
> ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणाय मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा॥
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> ॐ घृणि सूर्याय नमः॥
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रथ सप्तमी के दिन इन वस्तुओं का श्रद्धापूर्वक दान करने से भगवान सूर्य देव की असीम कृपा प्राप्त होती है। दान करने के साथ-साथ इस दिन सूर्योदय के समय स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। यह उपाय आपके जीवन में सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन सच्चे मन से किया गया हर दान जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है और सभी प्रकार के कष्टों को दूर करता है। इस पावन अवसर पर दान की महत्ता को समझें और अपने जीवन को सूर्य देव के आशीर्वाद से प्रकाशित करें।





