back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 1, 2026
spot_img

Ravi Pradosh Vrat 2026: रवि प्रदोष व्रत की महिमा और शिव-सूर्यदेव की आरती का महत्व

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Ravi Pradosh Vrat 2026
रवि प्रदोष व्रत 2026: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का अत्यधिक महत्व है, जो भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। यह व्रत हर माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है और यदि यह रविवार को पड़े, तो इसे रवि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस पावन अवसर पर महादेव की उपासना के साथ-साथ सूर्यदेव की आराधना भी विशेष फलदायी मानी जाती है। पूजा-अर्चना के उपरांत आरती का गान न केवल वातावरण को शुद्ध करता है, अपितु भक्तों के मन में नई ऊर्जा का संचार भी करता है। यह माना जाता है कि बिना आरती के कोई भी पूजा पूर्ण नहीं होती।

- Advertisement -

Ravi Pradosh Vrat 2026: रवि प्रदोष व्रत की महिमा और शिव-सूर्यदेव की आरती का महत्व

रवि प्रदोष व्रत 2026 पर आरती से दूर होंगे दुख और कष्ट

प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की उपासना करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से रवि प्रदोष व्रत के दिन, सूर्यदेव की आराधना से आरोग्य, तेज और यश की प्राप्ति होती है। इस दिन सच्चे मन से शिव-सूर्यदेव की आरती गाने से जीवन में सकारात्मकता आती है और घर में सुख-शांति का वास होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आरती के माध्यम से भक्त अपने आराध्य के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करते हैं। यह एक ऐसा माध्यम है जिससे देवी-देवताओं का आह्वान किया जाता है और उनकी कृपा प्राप्त की जाती है।

- Advertisement -

आरती केवल एक गीत नहीं, बल्कि पूजा का एक अभिन्न अंग है, जो ईश्वर के प्रति हमारे समर्पण को दर्शाता है। यह आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है और मन को शांति प्रदान करता है। इस पावन अवसर पर शिवजी और सूर्यदेव की आरती का पाठ करने से जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Chandra Grahan 2026: जानिए कब लगेगा सूतक काल, क्या करें और क्या न करें

**भगवान शिव की आरती**

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा…
एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा…
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव ओंकारा…
अक्षमाला वनमाला मुंडमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ॐ जय शिव ओंकारा…
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ ॐ जय शिव ओंकारा…
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहार कर्ता॥ ॐ जय शिव ओंकारा…
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥ ॐ जय शिव ओंकारा…
त्रिगुण स्वामी जी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय शिव ओंकारा…

**सूर्यदेव की आरती**

जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव।
जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव।
नभ मंडल के प्रिय अधिपति, जय जय जय रविदेव॥ जय जय जय रविदेव…
अपनी रश्मि प्रभा से जग को रोशन करते, तुम देव।
ग्रह मंडल के तुम ही राजा, जय जय जय रविदेव॥ जय जय जय रविदेव…
सात अश्व रथ पर तुम सवार, नवग्रहों में तुम ही प्रधान।
तेज प्रताप से पूरित, जय जय जय रविदेव॥ जय जय जय रविदेव…
आरोग्य सुख के तुम दाता, जीवन के हो भाग्य विधाता।
करुणा सागर अति बलवान, जय जय जय रविदेव॥ जय जय जय रविदेव…
बाल-वृद्ध, नर-नारी सभी, करते हैं तुम्हारी वंदना।
सकल लोक के हो पालनहार, जय जय जय रविदेव॥ जय जय जय रविदेव…
जो कोई तुमको ध्यावे, जीवन में सुख पावे।
पाप ताप सब दूर हों, जय जय जय रविदेव॥ जय जय जय रविदेव…

इस प्रकार, रवि प्रदोष व्रत के शुभ अवसर पर भगवान शिव और सूर्यदेव की आरती का पाठ करना अत्यंत कल्याणकारी होता है। यह न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि समस्त प्रकार के नकारात्मक प्रभावों को भी दूर करता है। इस दिन भक्तजनों को सात्विक भोजन करना चाहिए, मन को शांत रखना चाहिए और श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। आरती के माध्यम से हम अपने कष्टों को प्रभु चरणों में समर्पित करते हैं और उनकी असीम कृपा प्राप्त करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

**उपाय**
रवि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव को जल अर्पित करें और सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इसके साथ ही, “ॐ नमः शिवाय” और “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्रों का यथाशक्ति जाप करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना भी इस दिन अत्यंत शुभ माना गया है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

2026 में आ रही हैं टाटा की ये 3 शानदार Tata Electric Car!

Tata Electric Car: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों का बोलबाला तेजी से बढ़...

Stock Market में धूम मचा रहा यह शेयर: 1 लाख का निवेश बना 3.50 करोड़ रुपये!

Stock Market: निवेशकों के लिए शेयर बाजार एक ऐसी जगह है, जहां जोखिम के...

होली 2026 पर चंद्र ग्रहण का विशेष संयोग, इन बातों का रखें ध्यान

Holi 2026 Tips: फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर रंगों के इस महापर्व होली...

इंस्टाग्राम अपडेट: अब एक क्लिक में सैकड़ों पोस्ट मैनेज करें, अपना फीड क्लीन करें

Instagram Update: सोशल मीडिया की दुनिया में खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें