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मार्च, 6, 2026
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Sankashti Chaturthi 2026: सकट चौथ व्रत की महिमा और नियम

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Sankashti Chaturthi 2026: सनातन धर्म में सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है, जो हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत संतान के सुखी जीवन और दीर्घायु की कामना के साथ रखा जाता है, जिसमें विघ्नहर्ता गणेश की विशेष आराधना की जाती है।

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Sankashti Chaturthi 2026: सकट चौथ व्रत की महिमा और नियम

Sankashti Chaturthi 2026: जानें क्या है सकट चौथ का महत्व

Sankashti Chaturthi 2026 के पवित्र अवसर पर, वर्ष 2026 में सकट चौथ का पावन पर्व फरवरी माह के पहले सप्ताह में मनाया जाएगा। यह दिन विशेष रूप से माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए रखा जाने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है। इस दिन भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से गणेश पूजा करने से वे प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी संकट हर लेते हैं। ऐसी मान्यता है कि सकट चौथ का व्रत रखने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह व्रत माताओं के अटूट विश्वास और प्रेम का प्रतीक है, जो कठोर तपस्या से कम नहीं।

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सकट चौथ व्रत के नियम

सकट चौथ के पवित्र व्रत को सफल बनाने और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इन नियमों का पालन करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है और अनिष्ट से रक्षा होती है:

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  • चंद्र दर्शन से पहले चंद्रमा को न देखें: व्रत के दौरान, जब तक आप विधिवत पूजा और अर्घ्य न दे दें, तब तक सीधे चंद्रमा को देखने से बचें।
  • झूठ और क्रोध से बचें: इस दिन मन को शांत रखें, किसी से भी व्यर्थ के वाद-विवाद में न पड़ें और क्रोध तथा कटु वचन बोलने से बचें।
  • तामसिक भोजन का त्याग करें: व्रत के दिन और उसके अगले दिन भी तामसिक भोजन, जैसे लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा आदि का सेवन बिल्कुल न करें।
  • पवित्रता बनाए रखें: व्रत के पूरे दिन शारीरिक और मानसिक शुद्धता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। भगवान का स्मरण करते रहें।
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सकट चौथ का यह महापर्व हमें संयम, श्रद्धा और भक्ति का संदेश देता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने और नियमों का पालन करने से भगवान गणेश अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यह व्रत संतान के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए एक कवच का कार्य करता है।

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इस प्रकार, सकट चौथ का व्रत न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेम का संचार भी करता है। भगवान गणेश सभी के जीवन में रिद्धि-सिद्धि प्रदान करें और सभी संकटों का नाश करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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