back to top
⮜ शहर चुनें
जनवरी, 3, 2026

Shani Dosh Signs: नाक में उंगली डालने की आदत और ज्योतिषीय संकेत

spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Shani Dosh Signs: ज्योतिष शास्त्र में व्यक्ति की आदतों का गहरा संबंध ग्रहों की स्थिति से माना गया है। हमारी दैनिक दिनचर्या की छोटी-छोटी क्रियाएं भी कभी-कभी बड़े ज्योतिषीय संकेतों को उजागर करती हैं।

- Advertisement -

Shani Dosh Signs: नाक में उंगली डालने की आदत और ज्योतिषीय संकेत

क्या नाक में उंगली डालना एक Shani Dosh Signs है?

Shani Dosh Signs: ज्योतिष शास्त्र में व्यक्ति की आदतों का गहरा संबंध ग्रहों की स्थिति से माना गया है। हमारी दैनिक दिनचर्या की छोटी-छोटी क्रियाएं भी कभी-कभी बड़े ज्योतिषीय संकेतों को उजागर करती हैं। इन्हीं में से एक आदत है बार-बार नाक में उंगली डालना, जिसे आमतौर पर एक सामान्य क्रिया समझा जाता है, लेकिन ज्योतिष इसे कमजोर शनि की ओर इशारा करने वाला एक अशुभ संकेत मानता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह आदत न केवल आलस्य को बढ़ाती है, बल्कि धन संबंधी परेशानियों और जीवन में स्थिरता की कमी का कारण भी बन सकती है। जब शनि देव किसी कुंडली में कमजोर या पीड़ित अवस्था में होते हैं, तो व्यक्ति के व्यवहार और आदतों में ऐसे परिवर्तन देखे जा सकते हैं, जो उसके जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।

- Advertisement -

इस आदत के पीछे का ज्योतिषीय कारण यह है कि शनि ग्रह कर्म, अनुशासन, परिश्रम और धैर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब शनि कमजोर होते हैं, तो व्यक्ति में आलस्य बढ़ जाता है, वह अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह हो जाता है और व्यक्तिगत स्वच्छता तथा स्वास्थ्य पर भी ध्यान नहीं देता। नाक में उंगली डालने की आदत को ऐसे ही आलस्य और अनुशासनहीनता से जोड़कर देखा जाता है, जो अंततः आर्थिक तंगी और सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी ला सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Premanand Ji Maharaj: क्या चरण स्पर्श से घटता है गुरुजनों का पुण्य? जानें प्रेमानंद महाराज का दिव्य मार्गदर्शन

उपाय एवं निष्कर्ष

अगर किसी व्यक्ति में यह आदत बार-बार दिखाई देती है, तो उसे अपनी कुंडली में शनि की स्थिति का विश्लेषण करवाना चाहिए। ज्योतिषीय उपाय के तौर पर शनि देव को प्रसन्न करने के लिए कुछ सरल कर्म किए जा सकते हैं। प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर में जाकर सरसों का तेल अर्पित करना, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना, पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना और हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, अपनी आदतों में सुधार लाना और स्वयं को अनुशासित रखना भी शनि के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में सहायक होता है। अनुशासन और स्वच्छता का पालन करके व्यक्ति न केवल अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है, बल्कि शनि देव की कृपा भी प्राप्त कर सकता है, जिससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दैनिक राशिफल और ज्योतिषीय गणनाओं के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

एशेज टेस्ट: सिडनी में बढ़ा सुरक्षा घेरा, बॉडी बीच घटना के बाद ऐतिहासिक मुकाबले पर असर

Ashes Test: सिडनी में होने वाले अंतिम एशेज टेस्ट से पहले क्रिकेट प्रेमियों के...

Suspicious death: जहानाबाद में ससुराल गए युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों के सवाल, बिग मिस्ट्री

Suspicious death: जीवन की डोर कब, कैसे और कहां टूट जाए, कोई नहीं जानता।...

PGIMER में Sarkari Naukri: सुनहरा अवसर, आज ही करें आवेदन!

Sarkari Naukri: यदि आप लंबे समय से एक प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी की तलाश में...

Nitibha Kaul News: ‘बिग बॉस’ फेम नितिभा कौल ने की सगाई, ड्रीमी प्रपोजल देख फैंस बोले ‘फेयरीटेल’!

Nitibha Kaul: 'बिग बॉस 10' फेम नितिभा कौल की जिंदगी में शहनाइयां बजने वाली...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें