Vastu Tips: भारतीय संस्कृति में घर को मंदिर के समान पवित्र माना जाता है, और इसी पवित्रता को बनाए रखने के लिए वास्तु शास्त्र के नियम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। घर में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं या चित्र स्थापित करते समय वास्तु के सिद्धांतों का पालन करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि आती है। विशेषकर, संकटमोचन हनुमान जी का चित्र लगाते समय सही दिशा, स्वरूप और स्थान का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है ताकि उनकी कृपा सदैव बनी रहे और किसी भी प्रकार के वास्तु दोष से बचा जा सके।
Vastu Tips: हनुमान जी का चित्र लगाते समय न करें ये भूल, जानें सही दिशा और शुभ फल
हनुमान जी के चित्र के लिए महत्वपूर्ण Vastu Tips
जब बात घर में हनुमान जी की तस्वीर लगाने की आती है, तो कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका नकारात्मक प्रभाव हो सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हनुमान जी की तस्वीर किस दिशा में हो, उनका कौन सा स्वरूप शुभ होता है और कहां तस्वीर लगाना वर्जित है, यह जानना बेहद ज़रूरी है। सही नियमों का पालन करके ही आप हनुमान जी की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं और घर से सभी तरह की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आइए जानते हैं बजरंगबली की तस्वीर से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण वास्तु नियम। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
सही दिशा का चुनाव
वास्तु शास्त्र के अनुसार, हनुमान जी की तस्वीर हमेशा दक्षिण दिशा की ओर मुख करके लगानी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी का बल और प्रभाव दक्षिण दिशा में अधिक होता है। इस दिशा में तस्वीर लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, भय दूर होता है और दुश्मनों पर विजय प्राप्त होती है। कुछ विशेषज्ञ दक्षिण-पश्चिम दिशा को भी शुभ मानते हैं, क्योंकि यह दिशा स्थिरता और शक्ति से जुड़ी है।
हनुमान जी के स्वरूप का महत्व
- उड़ते हुए हनुमान जी: यदि आप करियर में उन्नति, साहस और प्रगति चाहते हैं, तो उत्तर दिशा की ओर मुख करके उड़ते हुए हनुमान जी की तस्वीर लगाएं।
- पहाड़ उठाते हुए हनुमान जी: यह तस्वीर संकटों से मुक्ति दिलाती है और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायक होती है।
- बैठे हुए या ध्यान मुद्रा में हनुमान जी: यह स्वरूप शांति, स्थिरता और एकाग्रता को दर्शाता है। इसे पूजा घर या ध्यान कक्ष में लगाना विशेष शुभ होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- श्री राम के चरणों में बैठे हनुमान जी: यह भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इसे घर के पूजा स्थल में स्थापित करना अत्यंत कल्याणकारी होता है।
- पंचमुखी हनुमान जी: पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर घर के मुख्य द्वार पर लगाने से सभी दिशाओं से आने वाली नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
इन रूपों से बचें
हनुमान जी की ऐसी तस्वीर लगाने से बचना चाहिए, जिसमें वे क्रोधित मुद्रा में हों, लंका दहन कर रहे हों, या संजीवनी बूटी लाते समय पर्वत खंडित दिख रहा हो। ये तस्वीरें घर में अशांति और उत्तेजना बढ़ा सकती हैं।
सही स्थान का चुनाव
- पूजा घर: यह सबसे उत्तम स्थान है।
- ड्राइंग रूम या लिविंग रूम: यहां भी तस्वीर लगाई जा सकती है, खासकर यदि वह परिवार को प्रेरणा देने वाली हो।
- कार्यक्षेत्र: कार्यस्थल पर हनुमान जी की तस्वीर लगाने से कार्य में सफलता और एकाग्रता प्राप्त होती है।
- बच्चों के कमरे में: बच्चों के कमरे में हनुमान जी की बाल स्वरूप वाली तस्वीर लगाने से उनमें साहस और बल का संचार होता है।
इन स्थानों पर न लगाएं तस्वीर
- शयनकक्ष: बेडरूम में हनुमान जी की तस्वीर लगाना वर्जित माना जाता है।
- सीढ़ियों के नीचे या बाथरूम के पास: ये स्थान नकारात्मक ऊर्जा वाले होते हैं, इसलिए यहां तस्वीर न लगाएं।
- रसोई घर: रसोई घर में भी हनुमान जी की तस्वीर लगाने से बचना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
निष्कर्ष और उपाय
घर में हनुमान जी की तस्वीर लगाते समय इन वास्तु नियमों का पालन करने से न केवल सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, बल्कि हनुमान जी की असीम कृपा भी प्राप्त होती है। यह घर में सुख-शांति, समृद्धि और आरोग्य लाता है। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना और उनकी विधिवत पूजा करना इन शुभ प्रभावों को और भी अधिक बढ़ा देता है।




