back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 6, 2026
spot_img

Vastu Tips: घर के मंदिर में वास्तु टिप्स: मूर्ति स्थापना के सही नियम और गलतियाँ

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Vastu Tips: भारतीय संस्कृति में घर का मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शांति और सकारात्मकता का केंद्र होता है। यहाँ देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित करने के विशिष्ट नियम हैं, जिनका पालन न करने पर घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है, जिससे नकारात्मकता का संचार होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस लेख में हम घर के मंदिर में मूर्ति स्थापना के सही नियम, उचित दिशा और उन सामान्य गलतियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जिनसे बचना अत्यंत आवश्यक है।

- Advertisement -

घर के मंदिर में Vastu Tips के अनुसार ऐसे करें मूर्ति स्थापना

सही दिशा और स्थान का करें चुनाव: Vastu Tips

घर के मंदिर में भगवान की मूर्तियों को स्थापित करते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

- Advertisement -
  • मूर्ति का मुख कभी भी दक्षिण दिशा की ओर नहीं होना चाहिए।
  • शुभ दिशाएं पूर्व और उत्तर मानी जाती हैं, जहाँ मूर्तियों का मुख होना चाहिए।
  • मंदिर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह दिशा दैवीय ऊर्जा से परिपूर्ण होती है।
यह भी पढ़ें:  Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग: 06 मार्च 2026, शुक्रवार

मूर्ति स्थापना के महत्वपूर्ण नियम

घर के मंदिर में मूर्तियां स्थापित करते समय इन नियमों का पालन करें ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे:

- Advertisement -
  • एक ही देवी-देवता की दो से अधिक मूर्तियां एक साथ न रखें।
  • मूर्ति को कभी भी दीवार से सटाकर न रखें; उनके पीछे थोड़ी जगह छोड़ना शुभ होता है।
  • टूटी हुई या खंडित मूर्तियों को मंदिर में बिल्कुल न रखें; उन्हें तुरंत विसर्जित कर दें।
  • अंगूठे से बड़ी शिवलिंग घर के मंदिर में नहीं रखनी चाहिए।
  • भगवान भैरव, नटराज और शनिदेव की मूर्तियां घर में न रखें, इन्हें मंदिर में ही पूजना उचित माना जाता है।
  • मंदिर में भगवान गणेश की तीन मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए, यह वास्तु दोष का कारण बन सकता है।
  • सूर्य देव की मूर्ति या तस्वीर इस प्रकार लगाएं कि सुबह की पहली किरण उस पर पड़े।
  • आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देवी-देवताओं की मूर्तियों को एक-दूसरे के आमने-सामने स्थापित न करें।
  • मंदिर को हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित रखें, धूल-मिट्टी नकारात्मकता बढ़ाती है।
यह भी पढ़ें:  चैत्र नवरात्रि 2026: मां दुर्गा का आगमन और पूजा विधि

घर के मंदिर में न करें ये गलतियां

अक्सर लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है:

  • मंदिर को कभी भी शौचालय या बाथरूम के पास न बनाएं।
  • शयनकक्ष में मंदिर स्थापित करना वर्जित है, विशेषकर यदि पति-पत्नी का कमरा हो।
  • रसोई घर में मंदिर बनाना भी उचित नहीं माना जाता है।
  • मूर्तियों को एक ही पंक्ति में न रखें, इससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है।
  • मंदिर में मृत परिजनों की तस्वीरें न रखें; यह पूजा स्थल की पवित्रता को भंग करता है।
  • आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मंदिर के ऊपर या नीचे कोई भारी वस्तु न रखें।
यह भी पढ़ें:  ॥ राम नवमी 2026: मर्यादा पुरुषोत्तम के जन्मोत्सव का दिव्य पर्व ॥

निष्कर्ष और उपाय

घर के मंदिर में मूर्ति स्थापना के इन नियमों का पालन करने से न केवल सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, बल्कि घर में सुख-शांति और समृद्धि भी आती है। वास्तु के इन सिद्धांतों का अनुसरण कर आप अपने घर को एक पवित्र और शांतमय स्थान बना सकते हैं, जहाँ ईश्वरीय कृपा सदैव बनी रहे। सही दिशा और नियम से स्थापित मूर्तियाँ घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं, जिससे वातावरण शुद्ध और पवित्र बना रहता है।

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Hurun Global Rich List: चीन ने ‘Billionaires List’ में अमेरिका को पछाड़ा, नए अरबपतियों की बाढ़

Billionaires List: दुनिया भर में आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जहां दौलत...

Kal Ka Rashifal 7 मार्च 2026 का राशिफल: जानें आपके सितारों की चाल

Kal Ka Rashifal: ग्रहों की चाल और नक्षत्रों का अद्भुत संगम हमारे जीवन पर...

Nayanthara न्यूज़: साउथ की ‘लेडी सुपरस्टार’ नयनतारा ने चेन्नई में खरीदा 31.5 करोड़ का आलीशान डुप्लेक्स, देखें तस्वीरें!

Nayanthara News: साउथ की लेडी सुपरस्टार नयनतारा और उनके पति विग्नेश शिवन ने चेन्नई...

विवाह मुहूर्त: शुभ विवाह का प्रथम निमंत्रण किसे और क्यों?

Vivah Muhurat: भारतीय संस्कृति में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, अपितु दो...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें