



Vijaya Ekadashi: भक्ति और पावनता का संगम विजया एकादशी, भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्ति का महापर्व है, जो साधकों को विजय और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना से समस्त विघ्न दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है।
विजया एकादशी 2026: श्री हरि विष्णु चालीसा पाठ से पाएं हर कार्य में विजय
विजया एकादशी: महत्व और पूजन विधान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत और पूजन अत्यंत फलदायी होता है। इस पवित्र दिन भगवान नारायण की स्तुति और चालीसा का पाठ करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को असीम आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यह दिन शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने, मुकदमों में सफलता पाने और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष माना जाता है। इस पावन अवसर पर विष्णु चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के समस्त पाप धुल जाते हैं और उसे आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
श्री हरि विष्णु चालीसा का पाठ विजया एकादशी के दिन करने की विशेष महिमा है। पुराणों में बताया गया है कि जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, उन्हें हर क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है। इस चालीसा के पाठ की पूजा विधि अत्यंत सरल है और इसे कोई भी भक्त आसानी से कर सकता है।
विजया एकादशी पर विष्णु चालीसा का अद्भुत महत्व
विजया एकादशी के अवसर पर श्री हरि विष्णु चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है और उसकी एकाग्रता बढ़ती है। यह चालीसा भगवान विष्णु के गुणों, लीलाओं और उनके विभिन्न अवतारों का वर्णन करती है, जिससे भक्त का मन प्रभु के चरणों में लीन हो जाता है। इसका नियमित पाठ जीवन में सकारात्मकता लाता है और सभी प्रकार के भय तथा चिंताओं का नाश करता है। यह चालीसा भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति में सहायता करती है।
विष्णु चालीसा पाठ की संपूर्ण विधि
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- घर के पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें और एक चौकी पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- भगवान को पीले वस्त्र, पीले पुष्प, पीली मिठाई और पंचामृत अर्पित करें।
- धूप-दीप प्रज्ज्वलित करें और संकल्प लें कि आप पूर्ण श्रद्धा से चालीसा का पाठ करेंगे।
- शांत मन से आसन पर बैठकर श्री विष्णु चालीसा का पाठ आरंभ करें।
- पाठ के उपरांत भगवान विष्णु की आरती करें और उनसे अपनी मनोकामना पूर्ति हेतु प्रार्थना करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विजया एकादशी व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, त्रेता युग में जब भगवान राम लंका पर चढ़ाई करने जा रहे थे, तब समुद्र ने उन्हें मार्ग नहीं दिया। तब भगवान राम ने बकदालभ्य मुनि से उपाय पूछा। मुनि ने बताया कि फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहते हैं। इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करने से हर कार्य में विजय प्राप्त होती है। भगवान राम ने मुनि के निर्देशानुसार विजया एकादशी का व्रत किया, जिसके प्रभाव से समुद्र ने मार्ग दिया और उन्होंने रावण पर विजय प्राप्त की। तभी से इस एकादशी का नाम विजया एकादशी पड़ा।
॥ श्री विष्णु चालीसा ॥
दोहा
जय जनार्दन जय श्री हरि, जय जन जन सुख धाम।
जय जय प्रभु विश्वम्भर, जय जय सीताराम।।चौपाई
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।।
श्री विष्णु तुम अवतारी।
जय जय जय अविनाशी हरी।
सकल जगत के तुम्हीं विधाता।
मंगलकारी प्रभु सुख दाता।
तुम हो देवों के देव महान।
तुमको नित करें हम प्रणाम।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।।हे प्रभु तुम हो सब के स्वामी।
अन्तर्यामी प्रभु अन्तर्यामी।
तुम ही जगत के पालनकर्ता।
तुम ही मोक्ष के हो सुखदाता।
हे जनार्दन तुम्हीं हो कर्ता।
मंगलकारी तुम दुःखहर्ता।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।।हे लक्ष्मीपति तुम हो पालक।
सबके स्वामी हो तुम रक्षक।
तुम हो दीनबंधु करुणाकर।
पालनकर्ता, तुम हो प्रियवर।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।।हे केशव तुम ही सब के दाता।
तुम ही हो सब के भाग्य विधाता।
तुम ही हो जग के पालनहारे।
तुम ही हो हम सबके सहारे।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।।हे अच्युत तुम ही अविनाशी।
तुम ही हो जग के सुखराशी।
तुम ही ब्रह्मा और शिव शंकर।
तुम ही हो सब के प्रभु ईश्वर।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।
नमो विष्णु भगवान् नमो नमो।।दोहा
ॐ जय जय श्री हरि, ॐ जय जय श्री राम।
ॐ जय जय प्रभु नारायण, ॐ जय जय जय श्याम।।
निष्कर्ष और उपाय
विजया एकादशी का यह पावन दिन भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त करने का स्वर्णिम अवसर है। इस दिन श्री हरि विष्णु चालीसा का पाठ करने से न केवल व्यक्ति को विजय प्राप्त होती है, बल्कि उसके जीवन से सभी कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जो भक्त श्रद्धापूर्वक इस चालीसा का गायन करते हैं, उन्हें भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे उनका लौकिक और पारलौकिक जीवन सुखमय बनता है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करना, गरीबों को दान देना और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें



