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मार्च, 6, 2026
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Vivah Muhurat 2026: शहनाइयों की गूंज और मांगलिक कार्यों का शुभारंभ

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Vivah Muhurat 2026: ब्रह्मांड की शुभ ऊर्जाओं का संगम एक बार फिर पृथ्वी पर सुख और समृद्धि लाने को आतुर है, विशेषकर उन पावन बंधनों के लिए जो दो हृदयों को एक करते हैं।

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Vivah Muhurat 2026: शहनाइयों की गूंज और मांगलिक कार्यों का शुभारंभ

लंबे समय से शुभ वैवाहिक मुहूर्तों का इंतजार कर रहे जोड़ों और उनके परिवारों के लिए वर्ष 2026 एक नई आशा और उत्साह लेकर आ रहा है। माघ मास, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि, 1 फरवरी 2026 को शुक्र ग्रह का उदय होने जा रहा है। देव गुरु बृहस्पति के साथ-साथ शुक्र ग्रह को भी विवाह और दांपत्य जीवन का कारक माना जाता है। शुक्र के अस्त होने की अवधि में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, किंतु उनके उदय होते ही शुभता का संचार चारों ओर फैल जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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Vivah Muhurat 2026: शुक्र उदय से खुलेंगे शुभ विवाह के द्वार

यह खगोलीय घटना विवाह जैसे पवित्र संबंध को नई ऊर्जा और समृद्धि प्रदान करेगी। मीन राशि में शुक्र का उदय वैवाहिक सुख, प्रेम और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है। इस महत्वपूर्ण ग्रह गोचर के पश्चात, लंबे समय से रुके हुए विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों पर लगा विराम अब पूरी तरह हट जाएगा। यह समय न केवल विवाह के लिए शुभ है, बल्कि गृह प्रवेश, नए व्यापार का शुभारंभ और अन्य सभी प्रकार के शुभ अनुष्ठानों के लिए भी उत्तम फलदायी होगा। नवविवाहित जोड़ों के लिए यह अवधि विशेष रूप से सौभाग्यशाली रहेगी, जिससे उनके दांपत्य जीवन में मधुरता और प्रेम का आगमन होगा।

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आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

आने वाला वर्ष 2026 शुभता और मंगल कार्यों से परिपूर्ण रहने वाला है। जो लोग विवाह बंधन में बंधने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इस दौरान किए गए शुभ कार्य चिरस्थायी फल देंगे। वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखने के लिए नवदंपत्ति को प्रत्येक शुक्रवार को देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। साथ ही, गुरुजनों और बड़ों का आशीर्वाद लेना भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। यह समय आध्यात्मिक उन्नति और पारिवारिक सौहार्द के लिए भी अत्यंत अनुकूल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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