



Vivah Muhurat 2026: सनातन धर्म में विवाह एक अत्यंत पवित्र संस्कार माना जाता है, जिसके लिए शुभ मुहूर्त का चयन विशेष महत्व रखता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र ग्रह का उदय मांगलिक कार्यों के शुभारंभ का प्रतीक होता है, और इसके अस्त होने पर शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं।
Vivah Muhurat 2026: मांगलिक कार्यों के लिए शुभ विवाह मुहूर्त 2026 का विशेष महत्व
Vivah Muhurat 2026: शुक्र उदय और मांगलिक कार्यों का शुभारंभ
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 1 फरवरी को शुक्र देव मकर राशि में उदय हो चुके हैं और यह स्थिति 12 अक्टूबर 2026 तक बनी रहेगी। शुक्र के इस उदय के साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार सहित सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्य एक बार फिर आरंभ हो गए हैं, जिसे आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जब शुक्र अस्त होते हैं, तो इन कार्यों को करना शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए यह अवधि मांगलिक कार्यों और शुभ विवाह के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर, साल 2026 में विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। फरवरी से जुलाई 2026 तक कुल 63 विवाह मुहूर्त होंगे। इसके अतिरिक्त, वर्ष के अंत तक, यानी दिसंबर 2026 तक, शुभ विवाह हेतु कुल 81 शुभ दिन मिलेंगे। यह जानकारी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, आपके लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
वर्ष 2026 में विवाह मुहूर्त की तिथियां
वर्ष 2026 में विवाह के लिए उपलब्ध शुभ मुहूर्तों का विवरण इस प्रकार है:
विवाह संस्कार भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग है, जिसमें दो आत्माओं का पवित्र मिलन होता है। इन पावन बंधनों को मजबूत बनाने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए शुभ मुहूर्त का विचार अनिवार्य है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों का योग ही शुभ मुहूर्त का निर्धारण करता है। शुक्र ग्रह प्रेम, विवाह और दांपत्य सुख का कारक माना जाता है, इसलिए इसका उदय विशेष रूप से विवाह के लिए अनुकूल होता है।
अतः, जो भी जातक वर्ष 2026 में विवाह बंधन में बंधने का विचार कर रहे हैं, उन्हें इन शुभ मुहूर्तों का लाभ उठाना चाहिए। अपनी कुंडली और स्थानीय पंचांग के अनुसार विस्तृत जानकारी के लिए किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें। शुभ मुहूर्तों में संपन्न किया गया कार्य हमेशा फलीभूत होता है। हम आपको सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं देते हैं, क्योंकि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिक धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें






