
देश की सियासत में गांधी परिवार का नाम दशकों से गूंज रहा है. राजनीति के धुरंधर कहे जाने वाले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार सुर्खियों में रहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों भाई-बहनों में पढ़ाई के मामले में कौन किस पर भारी है? आइए गहराई से जानते हैं दोनों की डिग्रियों का पूरा लेखा-जोखा.
राहुल गांधी की पढ़ाई का सफर
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की शिक्षा देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से हुई है. उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल और उत्तराखंड के देहरादून स्थित दून स्कूल से प्राप्त की है. इसके बाद, उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए विदेश का रुख किया.
- सबसे पहले उन्होंने अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने 1991 में अपने पिता राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा कारणों से पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी.
- बाद में उन्होंने फ्लोरिडा के रोलिंस कॉलेज में प्रवेश लिया और 1994 में कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की.
- इसके उपरांत, राहुल गांधी ने इंग्लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज से डेवलपमेंट स्टडीज में एम.फिल (Master of Philosophy) की उपाधि प्राप्त की, जो उन्होंने 1995 में पूरी की.
प्रियंका गांधी वाड्रा: शिक्षा का सिलसिला
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी एक मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि हासिल की है. उनकी स्कूली शिक्षा दिल्ली के प्रतिष्ठित मॉडर्न स्कूल (वसंत विहार) और कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी से हुई है.
- उच्च शिक्षा के लिए, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के जीसस एंड मैरी कॉलेज से मनोविज्ञान में कला स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की.
- इसके बाद, प्रियंका गांधी ने अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय से ही बौद्ध अध्ययन (Buddhist Studies) में कला परास्नातक (M.A.) की डिग्री भी हासिल की है.
किसकी झोली में कितनी डिग्री?
दोनों भाई-बहनों की शैक्षणिक योग्यताओं पर गौर करें तो राहुल गांधी ने एक स्नातक और एक परास्नातक (M.Phil.) की डिग्री हासिल की है, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी एक स्नातक और एक परास्नातक (M.A.) की डिग्री प्राप्त की है.
इस प्रकार, दोनों ही उच्च शिक्षित हैं और दोनों के पास देश और विदेश के नामी संस्थानों से प्राप्त डिग्रियां हैं. शिक्षा के लिहाज से दोनों ही मजबूत पृष्ठभूमि रखते हैं और किसी एक को दूसरे से कम आंकना मुश्किल है.





