

AI Impact on Jobs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीक तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका सीधा असर अब लोगों की नौकरियों और करियर पर साफ दिखाई देने लगा है। जो काम कभी इंसान किया करते थे, अब वही कार्य मशीनें तेजी से और कम लागत में सफलतापूर्वक कर पा रही हैं, जिससे नौकरी बाजार में बड़े बदलाव की संभावना बढ़ गई है।
AI Impact on Jobs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे बदलेगा नौकरियों का भविष्य?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव अब सिर्फ फैक्ट्रियों या शारीरिक श्रम वाले कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन नौकरियों को भी प्रभावित कर रहा है जिन्हें पहले सुरक्षित माना जाता था। रिपोर्ट्स बताती हैं कि डेटा प्रोसेसिंग, रिपोर्ट बनाना, ग्राहक सहायता और कई निर्णय लेने वाली भूमिकाएं AI से प्रभावित हो सकती हैं। विशेषज्ञ इसे नौकरी बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती मान रहे हैं।
AI Impact on Jobs: भारत में नौकरियों पर AI का गहराता असर
भारत के लिए AI एक दोहरी चुनौती बनकर सामने आया है। एक तरफ देश में बड़ी संख्या में युवा नौकरी की तलाश में हैं, वहीं दूसरी ओर कंपनियां तेजी से ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही हैं। खासकर आईटी और आईटीईएस सेक्टर, जो अब तक लाखों लोगों को रोजगार देता रहा है, वहां AI सबसे बड़ा बदलाव ला सकता है। अगर समय रहते तैयारी नहीं की गई, तो नौकरियों में कटौती का खतरा बढ़ सकता है। यह खबर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कंपनियों के लिए AI अपनाने का सबसे बड़ा कारण लागत कम करना है। AI के जरिए काम तेजी से होता है, गलती कम होती है और कर्मचारियों पर होने वाला खर्च घटता है। जैसे-जैसे AI ज्यादा स्मार्ट होता जाएगा, कंपनियों के लिए इंसानों की जरूरत कम होती जाएगी। इसका सीधा असर नौकरियों और कर्मचारियों की संख्या पर पड़ सकता है। ऐसे में कौशल विकास पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
सरकारी और कॉर्पोरेट पहलें: क्या है आगे की राह?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर सरकार और कंपनियां मिलकर सही रणनीति बनाएं, तो इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सिर्फ नई नौकरियां पैदा करने की बात काफी नहीं है। जरूरी है कि मौजूदा कर्मचारियों को नई स्किल सिखाई जाए, ताकि वे बदलते समय के साथ खुद को ढाल सकें। स्कूल और कॉलेज स्तर से ही पढ़ाई के तरीके में बदलाव करना होगा। यह जरूरी जानकारी आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भी AI को लेकर चेतावनी दी है। उनके अनुसार, आने वाले वर्षों में AI दुनिया भर में 40 फीसदी तक नौकरियों को प्रभावित कर सकता है। विकसित देशों में यह आंकड़ा 60 फीसदी तक जा सकता है। हालांकि कुछ नौकरियों में AI मददगार भी होगा, लेकिन एंट्री लेवल और मिडिल लेवल की नौकरियां सबसे ज्यादा खतरे में होंगी। इस चुनौती से निपटने के लिए निरंतर कौशल विकास और नई क्षमताओं का अधिग्रहण ही एकमात्र रास्ता है। यह महत्वपूर्ण विश्लेषण आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें।


