Bihar Board Exam: बिहार में इंटरमीडिएट यानी 12वीं की वार्षिक परीक्षा आज 2 फरवरी से पूरे उत्साह के साथ शुरू हो गई है। परीक्षा में शामिल हो रहे सभी परीक्षार्थियों के लिए कुछ बेहद जरूरी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचना और नियमों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बिहार बोर्ड एग्जाम: इंटरमीडिएट परीक्षा शुरू, जानें सभी महत्वपूर्ण नियम और अपडेट्स
बिहार बोर्ड एग्जाम: महत्वपूर्ण तिथियां और पाली विवरण
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट की यह वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2024 तक चलेगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है, जिसके लिए समय-सारिणी इस प्रकार है:
- प्रथम पाली: सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी। परीक्षार्थियों को सुबह 9:00 बजे तक परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट में प्रवेश कर लेना अनिवार्य है।
- द्वितीय पाली: दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी। परीक्षार्थियों को दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट में प्रवेश कर लेना अनिवार्य है।
बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। समय का पालन करना सभी छात्रों के लिए बेहद आवश्यक है।
पूरे राज्य में परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने व्यापक तैयारियां की हैं। राज्य के सभी 38 जिलों में कुल 1762 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसके साथ ही, हर जिले में चार-चार मॉडल परीक्षा केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जिससे पूरे बिहार में कुल 152 मॉडल परीक्षा केंद्र हो गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह व्यवस्था इस परीक्षा की एक अनूठी और खास विशेषता मानी जा रही है।
परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्था और सुरक्षा
बोर्ड द्वारा बनाए गए इन मॉडल परीक्षा केंद्रों पर केवल छात्राओं को ही परीक्षा देने की अनुमति दी गई है। इन केंद्रों पर महिला परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां महिला पुलिस बल, महिला निरीक्षक और अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था की गई है, ताकि छात्राएं बिना किसी तनाव और भय के अपनी परीक्षा दे सकें।
इस वर्ष की इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें 6 लाख 75 हजार 844 छात्राएं और 6 लाख 64 हजार 2 छात्र शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर होने वाली इस परीक्षा के लिए प्रशासन और बोर्ड दोनों पूरी तरह से सतर्क हैं। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें। राजधानी पटना में भी परीक्षा की पूरी तैयारी हो चुकी है, जहां 84 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और 73 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें 38 हजार 37 छात्राएं और 35 हजार 926 छात्र हैं। जिला प्रशासन ने भी सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के उपाय
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने परीक्षा को पूरी तरह से नकल मुक्त बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई परीक्षार्थी इन वस्तुओं के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे तुरंत परीक्षा से निष्कासित कर दिया जाएगा।
इस बार नकल रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कहीं अधिक मजबूत किया गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की दो बार गहन जांच की जाएगी। प्रत्येक परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पूरे केंद्र की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है, जिससे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। इसके अतिरिक्त, हर 25 छात्रों पर एक निरीक्षक की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को तत्काल रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बोर्ड का लक्ष्य है कि यह परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो।







