BMC Salary: मुंबई महानगरपालिका से जुड़े पदों पर कार्यरत जनप्रतिनिधियों की सैलरी को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई धारणाएं होती हैं, खासकर मेयर पद की सैलरी को लेकर। लेकिन वास्तविकता कई बार हमारी सोच से बिल्कुल अलग होती है।
BMC Salary: जानिए मुंबई मेयर और पार्षदों को कितनी मिलती है सैलरी और सुविधाएं
देश की सबसे धनी नगर निगमों में से एक मुंबई महानगरपालिका (BMC) में जनप्रतिनिधियों के वेतन और मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। विशेषकर बीएमसी मेयर की सैलरी को लेकर लोगों में यह आम धारणा है कि उन्हें लाखों रुपये का मासिक वेतन मिलता होगा, परंतु सच्चाई कुछ और ही है।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) सैलरी: मेयर और पार्षदों का मानदेय
सबसे पहले बात करें बीएमसी मेयर की, तो उन्हें किसी सरकारी अधिकारी की तरह निश्चित वेतन नहीं मिलता। इसके बजाय, उन्हें हर महीने एक निर्धारित मानदेय दिया जाता है, जो लगभग 6,000 रुपये प्रति माह होता है। यह राशि सुनने में कम लग सकती है, लेकिन मेयर की कुल आय केवल इसी रकम तक सीमित नहीं रहती है। उन्हें विभिन्न आधिकारिक बैठकों, कार्यक्रमों और जिम्मेदारियों के लिए कई प्रकार के भत्ते भी प्रदान किए जाते हैं। इन सभी भत्तों को मिलाकर, मेयर की औसत मासिक आय 50,000 से 55,000 रुपये के आसपास पहुँच जाती है। इस हिसाब से, बीएमसी मेयर की वार्षिक आय लगभग 6 से 6.5 लाख रुपये तक होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भले ही मेयर का प्रत्यक्ष वेतन बहुत अधिक न हो, लेकिन उन्हें कई महत्वपूर्ण सरकारी सुविधाएं मिलती हैं। इनमें सरकारी आवास, सरकारी वाहन, ड्राइवर, सुरक्षा गार्ड और सहायक स्टाफ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आधिकारिक दौरों और कार्यक्रमों पर होने वाले सभी खर्चों का वहन भी सरकार द्वारा किया जाता है।
बीएमसी पार्षदों की आय का लेखा-जोखा
बीएमसी पार्षदों को भी मासिक वेतन नहीं, बल्कि मानदेय दिया जाता है। वर्ष 2017 में, बढ़ती महंगाई और काम के बढ़ते दबाव को ध्यान में रखते हुए, पार्षदों के मानदेय में वृद्धि की गई थी। इसके बाद, पार्षदों का मासिक मानदेय 25,000 रुपये निर्धारित किया गया। लेकिन पार्षदों की कुल आय यहीं समाप्त नहीं होती है। उनकी मासिक आमदनी इस बात पर निर्भर करती है कि वे नगर निगम की बैठकों में कितनी सक्रियता से भाग लेते हैं।
जो पार्षद आम सभा, स्थायी समिति और अन्य विभिन्न समितियों की बैठकों में नियमित रूप से शामिल होते हैं, उन्हें अतिरिक्त भत्ता मिलता है। इससे उनकी कुल मासिक आय काफी बढ़ जाती है। वहीं, जो पार्षद बैठकों में कम भाग लेते हैं या सक्रिय भूमिका नहीं निभाते, उन्हें इस अतिरिक्त राशि का लाभ नहीं मिल पाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कई बार, एक सक्रिय पार्षद की कुल आमदनी मेयर के बराबर या उससे थोड़ी अधिक भी हो सकती है। हालांकि, पद और जिम्मेदारी के संदर्भ में मेयर की भूमिका कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती है। मेयर पूरे नगर निगम का प्रतिनिधित्व करते हैं और बड़े नीतिगत निर्णयों में उनकी केंद्रीय भूमिका होती है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/education/। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







