
BMC Election: महाराष्ट्र में जल्द ही राजनीतिक गर्माहट बढ़ने वाली है। देश की सबसे अमीर कही जाने वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव की घोषणा हो चुकी है।
BMC Election: देश की सबसे अमीर बीएमसी मेयर की सैलरी और पावर, यहां जानें सब कुछ
बीएमसी इलेक्शन के बाद मेयर का चुनाव और शक्तियां
महाराष्ट्र में जल्द ही राजनीतिक गर्माहट बढ़ने वाली है। देश की सबसे अमीर कही जाने वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव की घोषणा हो चुकी है, जो 15 जनवरी को संपन्न होंगे और अगले दिन नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। इन चुनावों में बीएमसी हमेशा की तरह सुर्खियों में है, क्योंकि इसके नाम के साथ ही शक्ति, धन और प्रभाव जैसे शब्द जुड़ जाते हैं। बीएमसी का बजट कई छोटे राज्यों से भी अधिक होता है। ऐसे में आम जनता के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बीएमसी के मेयर को कितनी सैलरी मिलती है और उनके पास क्या-क्या अधिकार होते हैं। आइए, इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से समझते हैं।
बीएमसी में मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता है। मुंबई की जनता जिन नगरसेवकों को चुनती है, वे ही अपने बीच से मेयर का चयन करते हैं। आमतौर पर, जिस राजनीतिक दल के पास सबसे अधिक नगरसेवक होते हैं, उसी दल के उम्मीदवार के मेयर बनने की संभावना सबसे अधिक होती है। मेयर और नगरसेवकों का कार्यकाल ढाई साल का होता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मेयर और नगरसेवकों के पास प्रशासनिक शक्तियां नहीं होती हैं। उनके अधिकार मुख्य रूप से विधायी प्रकृति के होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे नीतियों, प्रस्तावों और बहसों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि प्रशासनिक कार्य आयुक्त और अन्य अधिकारियों द्वारा संभाले जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बीएमसी मेयर की सैलरी और अन्य सुविधाएं
अक्सर यह धारणा रहती है कि बीएमसी मेयर को बहुत आकर्षक सैलरी मिलती होगी, लेकिन वास्तविकता थोड़ी भिन्न है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीएमसी मेयर को नियमित वेतन के बजाय मानदेय दिया जाता है। इस मेयर की सैलरी का मूल मानदेय लगभग 6,000 रुपये प्रति माह होता है। हालांकि, विभिन्न भत्तों और अन्य सुविधाओं को जोड़ने के बाद उनकी औसत मासिक आय लगभग 50,000 से 55,000 रुपये तक पहुँच जाती है। इस तरह, बीएमसी मेयर की वार्षिक आय लगभग 6 से 6.5 लाख रुपये होती है। सैलरी भले ही बहुत अधिक न हो, लेकिन मेयर को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इनमें मेयर हाउस (सरकारी आवास), एक सरकारी वाहन, ड्राइवर और सहायक कर्मचारी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें बैठकों, कार्यक्रमों और आधिकारिक यात्राओं के लिए अलग-अलग भत्ते भी मिलते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बीएमसी मेयर को मुंबई शहर का ‘प्रथम नागरिक’ कहा जाता है। वे शहर का प्रतिनिधित्व करते हैं और अनेक महत्वपूर्ण अवसरों पर मुंबई की आवाज बनते हैं। बीएमसी सदन की सभी बैठकों की अध्यक्षता मेयर ही करते हैं। मेयर का एक महत्वपूर्ण कार्य नगर निगम के एजेंडे को आगे बढ़ाना और सदन में व्यवस्था बनाए रखना होता है। जनता से जुड़े मुद्दों को सामने लाना और उन पर प्रभावी चर्चा सुनिश्चित करना भी मेयर की मुख्य जिम्मेदारियों में से एक है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मेयर की आय किसी तय सैलरी से जुड़ी नहीं होती है, इसलिए इसमें प्रतिवर्ष इंक्रीमेंट का कोई नियम नहीं है। मेयर को मिलने वाला मानदेय और भत्ते राज्य सरकार तथा नगर निगम के नियमों के अनुसार निर्धारित किए जाते हैं। इसमें बढ़ोतरी तभी होती है जब सरकार या बीएमसी सदन मानदेय या भत्तों में कोई बदलाव करती है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/education/। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







