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Education Budget 2026: बेटियों की शिक्षा को मिलेगा नया आयाम, 800 जिलों में बनेंगे गर्ल्स हॉस्टल

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Education Budget: देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार बजट 2026 में बड़े ऐलान की तैयारी में है। इस बार के केंद्रीय बजट में खासतौर पर 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना पर सबका ध्यान है, जो उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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# Education Budget 2026: बेटियों की शिक्षा को मिलेगा नया आयाम, 800 जिलों में बनेंगे गर्ल्स हॉस्टल

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Education Budget 2026 में शिक्षा क्षेत्र को लेकर कई अहम घोषणाएं होने की उम्मीद है। देश की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण योजना देश के 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल निर्माण की है। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद करेगी।

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भारतीय संसद का बजट सत्र 2026, 28 जनवरी को शुरू हो चुका है। इस सत्र से पहले प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित किया था। इसके बाद 29 जनवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 संसद में पेश किया। अब सबकी निगाहें आने वाले आम बजट पर टिकी हैं, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में क्या नई पहलें होंगी, यह देखने लायक होगा। हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा क्षेत्र को बजट से काफी उम्मीदें हैं, खासकर बेटियों की पढ़ाई को आगे बढ़ाने पर सरकार का विशेष जोर दिख रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

## Education Budget का फोकस: बेटियों के लिए सुरक्षित भविष्य की राह

केंद्र सरकार का मानना है कि आज भी लाखों लड़कियां केवल इसलिए अपनी पढ़ाई छोड़ देती हैं, क्योंकि उनके घर से कॉलेज या विश्वविद्यालय बहुत दूर होते हैं। सुरक्षित आवासीय व्यवस्था के अभाव में माता-पिता अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर भेजने से कतराते हैं। इसी बड़ी समस्या को समाप्त करने के लिए सरकार ने देश के सभी 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है।

शिक्षा मंत्रालय ने इस योजना का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेज दिया है। यदि सब कुछ निर्धारित योजना के अनुसार रहा, तो बजट 2026 में इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है। इस योजना के तहत प्रत्येक जिले में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुरक्षित हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि छात्राएं बिना किसी चिंता और भय के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। यह पहल उच्च शिक्षा में लड़कियों के नामांकन दर को बढ़ाने में सहायक होगी।

## उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

सरकार का लक्ष्य है कि देश में उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी तेजी से बढ़े। इसी उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय सकल नामांकन अनुपात (GER) को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने पर काम कर रहा है। वर्तमान में कई राज्यों में यह आंकड़ा काफी कम है, खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में यह चुनौती और भी बड़ी है।

दिल्ली में 26 से 28 दिसंबर के बीच सभी राज्यों के मुख्य सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इस बैठक में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) बढ़ाने, स्कूल छोड़ने वाले छात्रों (ड्रॉपआउट) की संख्या कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। माना जा रहा है कि गर्ल्स हॉस्टल योजना भी इस बैठक के प्रमुख एजेंडों में से एक होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

## ड्रॉपआउट रोकने और सुविधाओं का विस्तार

सरकारी आंकड़े दर्शाते हैं कि बड़ी संख्या में छात्र, विशेषकर छात्राएं, 12वीं के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ देती हैं। इसके पीछे दूरी, सुरक्षा संबंधी चिंताएं और आर्थिक कारण प्रमुख वजहें होती हैं। सरकार इन सभी कारणों को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है। गर्ल्स हॉस्टल बनने से उन छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो गांव या छोटे कस्बों से बड़े शहरों में आकर पढ़ाई करना चाहती हैं। सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा मिलने से उनके लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना काफी आसान हो जाएगा।

## शिक्षा के बजट और नए विकल्प

केवल हॉस्टल ही नहीं, सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है। राज्यों से कहा गया है कि वे सकल नामांकन अनुपात बढ़ाने के लिए अपने-अपने प्लान तैयार करें। इसमें कॉलेजों में दो शिफ्टों में कक्षाएं चलाने की संभावना भी शामिल है, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा में दाखिला मिल सके। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन पढ़ाई के विभिन्न माध्यमों को भी सशक्त बनाने पर चर्चा की जा रही है।

बीते बजट की बात करें तो, शिक्षा मंत्रालय के लिए कुल बजट आवंटन 1,28,650 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 के मुकाबले 6.22% अधिक था। इस बार भी इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। यह बढ़ी हुई राशि शिक्षा के बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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