

Fake Universities: उच्च शिक्षा प्राप्त करने की ख्वाहिश रखने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी! देश में कई संस्थान खुद को विश्वविद्यालय बताकर विद्यार्थियों को गुमराह कर रहे हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) हर साल ऐसे फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करता है, ताकि छात्र इनमें दाखिला लेने से बच सकें।
देश में Fake Universities की सूची जारी, छात्रों को रहना होगा सावधान!
शिक्षा के क्षेत्र में धोखाधड़ी को रोकने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक बार फिर देश भर में संचालित हो रहे फर्जी विश्वविद्यालयों की एक विस्तृत सूची जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों को कोई भी डिग्री प्रदान करने का अधिकार नहीं है और इनसे प्राप्त डिग्री उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए वैध नहीं मानी जाएगी। यूजीसी अधिनियम 1956 के अनुसार, केवल वही संस्थान डिग्री प्रदान कर सकते हैं जो केंद्रीय, राज्य या प्रांतीय कानून के तहत स्थापित हों, या जिन्हें अधिनियम की धारा तीन के तहत डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला हो। इसके अतिरिक्त, संसद के विशेष अधिनियम द्वारा सशक्त संस्थान ही कानूनी रूप से डिग्री जारी कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसे में छात्रों के लिए यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि किन विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने से बचना चाहिए।
Fake Universities से बचें: यूजीसी की चेतावनी
यूजीसी ने अपनी नवीनतम सूची में उन संस्थानों का नाम उजागर किया है जो नियमों का उल्लंघन कर फर्जी तरीके से संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों से प्राप्त डिग्री को सरकारी मान्यता नहीं मिलती है और न ही अधिकांश उच्च शैक्षणिक संस्थान इन्हें स्वीकार करते हैं। फर्जी संस्थानों से शिक्षा प्राप्त करने से न केवल समय और धन की बर्बादी होती है, बल्कि छात्रों का भविष्य भी अधर में लटक जाता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन विश्वविद्यालयों की कोई आधिकारिक मान्यता नहीं है और इन्हें किसी भी सरकारी या निजी संस्थान में नौकरी के लिए भी वैध नहीं माना जाएगा।
यूजीसी द्वारा जारी की गई लिस्ट के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में कई ऐसे संस्थान पाए गए हैं जो अवैध रूप से विश्वविद्यालय के रूप में कार्य कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राज्यवार फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे नीचे दी गई सूची को ध्यान से देखें और इन विश्वविद्यालयों में किसी भी प्रकार के दाखिले से बचें:
- ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एण्ड फिजिकल हेल्थ साइंस (अलीपुर)
- कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड (दरियागंज)
- यूनाइटेड नेशनल यूनिवर्सिटी
- वोकेशनल यूनिवर्सिटी
- एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी (राजेंद्र प्लेस)
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग
- विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ एम्प्लॉयमेंट
- आध्यात्मिक विश्वविद्यालय (रोहिणी)
- वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी (पीतमपुरा)
- इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग (कोटला मुबारकपुर)
- गांधी हिंदी विद्यापीठ प्रयाग
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनिवर्सिटी (अलीगढ़)
- भारतीय शिक्षा परिषद (लखनऊ)
- महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी (नोएडा)
- सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी, किशनट्टम
- इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ प्रोफेटिक मेडिसिन, कोझीकोड
- राजा अरबी यूनिवर्सिटी, नागपुर
- श्री बोधि एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन, कोलकाता
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च, कोलकाता
- बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया
- क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी, गुंटूर
यह सूची यूजीसी द्वारा छात्रों के हित में जारी की गई है ताकि वे अपनी मेहनत की कमाई और भविष्य को गलत हाथों में पड़ने से बचा सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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शिक्षाविदों और करियर सलाहकारों का मानना है कि ऐसे फर्जी संस्थानों से डिग्री प्राप्त करना न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य को भी बर्बाद कर देता है। इसलिए, किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और यूजीसी की प्रमाणित सूची अवश्य जांच लें। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी संदेह की स्थिति में सीधे यूजीसी की वेबसाइट (ugc.ac.in) पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।



