Republic Day: देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, और इस विशेष अवसर पर कर्तव्य पथ पर एक प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जब राष्ट्रीय ध्वज फहराया, तब उनके साथ भारतीय वायुसेना की युवा अधिकारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ मौजूद थीं। उनकी कहानी लाखों युवाओं को प्रेरित करती है।
गणतंत्र दिवस 2024: फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ ने रचा इतिहास, जानिए उनकी प्रेरक कहानी
गणतंत्र दिवस परेड और अक्षिता धनखड़ का सफर
फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ हरियाणा के झज्जर जिले के कसनी गांव से ताल्लुक रखती हैं। एक सामान्य परिवार में जन्मी अक्षिता के मन में देश सेवा का सपना बचपन से ही पल रहा था। जब उन्होंने अपने पिता को गणतंत्र दिवस परेड से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेते देखा, तभी उनके मन में भी वर्दी पहनकर देश के लिए कुछ करने की इच्छा जागी। बचपन में टीवी पर परेड देखना उनके लिए सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि एक सपना था, जो समय के साथ एक अटल लक्ष्य बन गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अक्षिता ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में प्रवेश लिया। कॉलेज के दिनों में उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ नेशनल कैडेट कोर यानी NCC को चुना। NCC ने उनकी सोच और दिशा दोनों को बदल दिया। यहां उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और जिम्मेदारी का वास्तविक अर्थ समझ आया। परेड, कैंप और प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया।
NCC की भूमिका और भारतीय वायुसेना में चयन
NCC में अक्षिता ने कड़ी मेहनत से कैडेट सार्जेंट मेजर का पद हासिल किया। यह पद आसान नहीं होता, लेकिन उनकी लगन और अथक मेहनत ने उन्हें यहां तक पहुंचाया। उनकी यूनिट आज भी उन्हें एक्स-सीएसएम के नाम से याद करती है। साथी कैडेट्स के लिए वह एक मिसाल थीं। NCC की ट्रेनिंग ने उन्हें मुश्किल हालातों में शांत रहना, टीम के साथ काम करना और नेतृत्व करना सिखाया, जो आगे चलकर भारतीय वायुसेना में बहुत काम आया।
अक्षिता ने अपने सपने को साकार करने के लिए एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) की तैयारी की। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने यह परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली। जून 2023 में उन्हें भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन मिला। यह पल उनके और उनके परिवार के लिए गर्व से भरा था। सेवा के दौरान उनकी मेहनत, अनुशासन और काम के प्रति ईमानदारी को देखते हुए उन्हें जल्द ही फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर पदोन्नत किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ की यह कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो देश सेवा का सपना देखते हैं। उनकी यात्रा दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें।
अक्षिता धनखड़ ने दिखाया कि कैसे एक साधारण पृष्ठभूमि का व्यक्ति भी अपने सपनों को पूरा कर सकता है और देश की सेवा में अपना अमूल्य योगदान दे सकता है। यह कहानी पढ़कर आपको भी गर्व महसूस होगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







