



Google Voluntary Resignation: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने अपने कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की है, जिसके तहत ग्लोबल बिजनेस ऑर्गनाइजेशन (GBO) के तहत काम करने वाले कर्मचारी स्वेच्छा से कंपनी से विदाई ले सकते हैं। यह कदम उन कर्मचारियों के लिए है जो खुद को कंपनी की बढ़ती रफ्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कार्यों के साथ सहज महसूस नहीं कर रहे हैं।
गूगल की बड़ी पहल: एआई के युग में कर्मचारियों के लिए Google Voluntary Resignation योजना
Google Voluntary Resignation: तकनीक की दुनिया में लगातार हो रहे बदलावों और एआई के बढ़ते प्रभुत्व के बीच, गूगल ने अपने कर्मचारियों के लिए एक खास स्वैच्छिक विदाई योजना शुरू की है। कंपनी का मानना है कि हर कर्मचारी को एआई मिशन के साथ पूरी तरह जुड़ना होगा और ‘ऑल इन’ होकर काम करना होगा। यदि कोई कर्मचारी इस तेज रफ्तार माहौल में खुद को सहज नहीं पाता या अपने करियर में आगे बढ़ना चाहता है, तो उसे सम्मानजनक तरीके से कंपनी छोड़ने का अवसर दिया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल दिखाती है कि कैसे बड़ी टेक कंपनियां तेजी से बदल रहे तकनीकी परिदृश्य के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही हैं।
Google Voluntary Resignation: आखिर क्यों लाई गई यह योजना?
गूगल के मुख्य व्यवसाय अधिकारी फिलिप शिंडलर ने कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक संदेश में बताया कि कंपनी ने साल 2025 मजबूत स्थिति में खत्म किया है, लेकिन तकनीक की दुनिया बहुत तेज गति से बदल रही है। ऐसे में हर कर्मचारी का एआई मिशन के साथ पूरी तरह जुड़ा होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक सदस्य को पूरी तरह समर्पित होकर काम करना होगा।
यह योजना खास तौर पर सॉल्यूशंस टीम, सेल्स, कॉरपोरेट डेवलपमेंट और कुछ अन्य विभागों पर लागू होगी। हालांकि, अमेरिका की बड़ी ग्राहक बिक्री टीम और सीधे ग्राहकों से जुड़े कुछ पदों को इस योजना से बाहर रखा गया है। कंपनी का उद्देश्य ग्राहकों पर इस बदलाव का कम से कम असर पड़े, इसलिए कुछ महत्वपूर्ण भूमिकाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
यह पिछले एक साल में गूगल द्वारा शुरू की गई तीसरी स्वैच्छिक विदाई योजना है। इससे पहले जून 2025 में ऑफिस वापसी नीति के दौरान और अक्टूबर 2025 में यूट्यूब टीम के पुनर्गठन के समय भी कर्मचारियों को इसी तरह के निकास पैकेज की पेशकश की गई थी। कंपनी के मानव संसाधन प्रमुख ने इन योजनाओं को सफल बताया है, जिससे कंपनी अपने ढांचे को सरल बना पा रही है और कई विभागों में अनावश्यक परतों को कम कर रही है।
बदलते टेक परिदृश्य और भविष्य की नौकरियां
आज के दौर में नौकरी केवल एक पद नहीं, बल्कि लगातार सीखने की प्रक्रिया है। जो कर्मचारी नई तकनीक और विशेष रूप से एआई को सीखते रहेंगे, वही आगे बढ़ पाएंगे। एआई अब केवल एक शब्द नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में काम का अभिन्न अंग बनता जा रहा है। इस योजना के माध्यम से, गूगल यह संकेत दे रहा है कि वह ऐसे कर्मचारियों को प्राथमिकता देगी जो नई तकनीक सीखने और अपनाने के लिए तैयार हैं। जिन कर्मचारियों ने इस स्वैच्छिक विदाई को चुना है, उनमें से कुछ ने करियर ब्रेक लिया तो कुछ ने परिवार की जिम्मेदारियों के कारण यह कदम उठाया। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल मार्केटिंग, सर्च, पीपल ऑपरेशन और हार्डवेयर जैसे अहम विभागों में करीब 5 प्रतिशत कर्मचारियों ने इस विकल्प को चुना है। यह पहल कर्मचारियों को अपनी स्थिति समझकर फैसला लेने का अवसर भी दे रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह कदम इस बात पर भी जोर देता है कि कैसे वैश्विक नौकरी बाजार में एआई का नौकरियों पर प्रभाव गहरा होता जा रहा है और कंपनियों को कर्मचारियों से लगातार अपस्किलिंग और रीस्किलिंग की उम्मीद है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/education/। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार रहना अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।






