How to Become a Pilot: आज के समय में पायलट बनना लाखों युवाओं का सपना होता है। जब भी आसमान में उड़ते जहाज को देखते हैं, तो मन में यही ख्याल आता है कि काश एक दिन हम भी उस कॉकपिट में बैठकर जहाज उड़ाएं। पायलट की नौकरी न सिर्फ सम्मानजनक होती है, बल्कि इसमें सैलरी भी बहुत अच्छी मिलती है। अगर आपने 12वीं पास कर ली है और पायलट बनने का सपना देख रहे हैं, तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि 12वीं के बाद पायलट कैसे बन सकते हैं। इसकी योग्यता, जरूरी पढ़ाई, मेडिकल टेस्ट, ट्रेनिंग, कोर्स, खर्च और सैलरी क्या होती है।
12वीं के बाद ऐसे बनें पायलट: How to Become a Pilot और पाएं लाखों की सैलरी
पायलट बनने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस प्रतिष्ठित करियर के लिए क्या-क्या रास्ते हैं। 12वीं कक्षा के बाद आप कैसे अपने सपने को हकीकत में बदल सकते हैं, इसकी पूरी जानकारी आपको इस लेख में मिलेगी। इस करियर में न केवल अच्छी सैलरी है, बल्कि एक सम्मानजनक सामाजिक पहचान भी मिलती है।
How to Become a Pilot के लिए योग्यता और चयन प्रक्रिया
पायलट बनने के लिए सबसे पहले सही शैक्षणिक योग्यता होना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए आपको 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम से पास होना अनिवार्य है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। फिजिक्स और मैथ्स विषय होना जरूरी है और इन दोनों विषयों में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त होने चाहिए। यदि आपने 12वीं में मैथ्स नहीं लिया है, तो आप ओपन बोर्ड से मैथ्स की परीक्षा देकर भी पायलट बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
पायलट बनने से पहले यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आप शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट हैं या नहीं। इसके लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा निर्धारित मेडिकल टेस्ट कराए जाते हैं:
- क्लास-2 मेडिकल टेस्ट: यह पहला मेडिकल टेस्ट होता है। इसमें आपकी आंखों की रोशनी, ब्लड प्रेशर, हृदय, सुनने की क्षमता और मानसिक स्थिति की जांच की जाती है। आप DGCA की वेबसाइट पर जाकर DGCA द्वारा अप्रूव्ड डॉक्टर से अपॉइंटमेंट ले सकते हैं।
- क्लास-1 मेडिकल टेस्ट: क्लास-2 पास करने के बाद क्लास-1 मेडिकल होता है। यह तय करता है कि आप कमर्शियल पायलट बनने के लिए पूरी तरह से योग्य हैं या नहीं। यह मेडिकल टेस्ट आमतौर पर 2 दिन में पूरा हो जाता है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। 12वीं के बाद पायलट बनने के लिए आप दो मुख्य तरीकों से आगे बढ़ सकते हैं:
- फ्लाइंग स्कूल जॉइन करके: इसमें आपको ग्राउंड क्लास, फ्लाइंग ट्रेनिंग और DGCA एग्जाम की तैयारी सब एक साथ मिलती है। यह तरीका अपेक्षाकृत आसान माना जाता है।
- पहले DGCA एग्जाम क्लियर करके: आप पहले DGCA के लिखित एग्जाम पास कर सकते हैं। इसके लिए अलग से कोचिंग इंस्टीट्यूट जॉइन किया जा सकता है। बाद में फ्लाइंग स्कूल जॉइन करके उड़ान के घंटे पूरे कर सकते हैं।
पायलट बनने में खर्च और करियर संभावनाएं
पायलट की ट्रेनिंग सस्ती नहीं होती है। इसका कुल खर्च 35 लाख से 1 करोड़ रुपये तक आ सकता है। यह खर्च फ्लाइंग स्कूल, देश, विमान और ट्रेनिंग के तरीके पर निर्भर करता है। कुछ लोग ट्रेनिंग भारत में करते हैं, तो कुछ विदेश में भी करते हैं। यह एक बड़ा निवेश होता है, लेकिन करियर के शुरुआती दौर से ही शानदार रिटर्न भी देता है।
एयरलाइन में पायलट की नौकरी के लिए सिर्फ इंटरव्यू ही नहीं होता है, बल्कि इसका सेलेक्शन प्रोसेस काफी व्यापक होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसमें निम्नलिखित चरण शामिल हैं:
- लिखित परीक्षा: इसमें 12वीं स्तर की फिजिक्स और मैथ्स से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
- हैंड-आई कोऑर्डिनेशन टेस्ट: यह वीडियो गेम जैसे टेस्ट होते हैं जो आपकी सजगता और समन्वय की जांच करते हैं।
- मल्टीटास्किंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग टेस्ट: ये आपकी निर्णय लेने की क्षमता और विभिन्न कार्यों को एक साथ संभालने की क्षमता का आकलन करते हैं।
- फेस-टू-फेस इंटरव्यू: अंतिम चरण में व्यक्तिगत साक्षात्कार होता है।
पायलट की सैलरी बहुत अच्छी होती है। फर्स्ट ऑफिसर (Co-Pilot) की सैलरी लगभग 3 लाख प्रति माह, कैप्टन पायलट की 8 से 10 लाख प्रति माह और अनुभवी पायलट की सैलरी 10 से 15 लाख रुपये प्रति माह तक हो सकती है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/education/




