Space Scientist: अंतरिक्ष विज्ञान एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है जहां करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि इस क्षेत्र में कैसे प्रवेश किया जाए और क्या पढ़ाई करनी होती है।
Space Scientist कैसे बनें: 12वीं के बाद क्या करें और कितना आएगा खर्च?
अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाना कई छात्रों का सपना होता है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जैसी संस्थाओं में Space Scientist बनकर देश की प्रगति में योगदान देना गर्व की बात है। लेकिन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सही मार्ग का चुनाव बेहद ज़रूरी है।
Space Scientist बनने के लिए आवश्यक पढ़ाई
12वीं के बाद छात्रों को अपनी रुचि और क्षमताओं के अनुसार विषय चुनना चाहिए। विज्ञान पृष्ठभूमि (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) वाले छात्र इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं। Space Scientist बनने के लिए प्रमुख शैक्षिक योग्यता (educational qualification) और डिग्री आवश्यकताएँ निम्नलिखित हैं:
- 12वीं कक्षा: विज्ञान विषय (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) के साथ न्यूनतम 60% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यह इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए प्राथमिक शर्त है।
- इंजीनियरिंग डिग्री (B.Tech/B.E.):
- एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
- एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग
- मैकेनिकल इंजीनियरिंग
- इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
- कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग
इनमें से किसी भी शाखा में बी.टेक/बी.ई. की डिग्री इस क्षेत्र में करियर के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
- विज्ञान डिग्री (B.Sc/M.Sc/Ph.D.):
- फिजिक्स, गणित, खगोल विज्ञान, खगोल भौतिकी (Astrophysics), भूभौतिकी (Geophysics) या संबंधित विषयों में बी.एससी की डिग्री प्राप्त करें।
- इसके बाद एम.एससी और फिर पीएचडी करना भी अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने का एक अच्छा रास्ता है।
Space Scientist बनने के लिए पढ़ाई का खर्च संस्थान पर निर्भर करता है। सरकारी संस्थानों जैसे आईआईटी या आईआईएसटी में फीस तुलनात्मक रूप से कम होती है, जो सालाना कुछ हज़ार से लेकर 1-2 लाख रुपये तक हो सकती है। वहीं, निजी विश्वविद्यालयों में यह काफी अधिक (सालाना 3-5 लाख रुपये या उससे अधिक) हो सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रमुख संस्थान और प्रवेश प्रक्रिया
भारत में भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (IIST), तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख संस्थान हैं जो अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित विशिष्ट पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। इसके अलावा, आईआईटी (IIT) और एनआईटी (NIT) जैसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज भी इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आवश्यक आधार प्रदान करते हैं।
- प्रवेश प्रक्रिया:
- जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced): आईआईटी में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस्ड परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है।
- आईआईएसटी (IIST): आईआईएसटी में प्रवेश के लिए भी जेईई एडवांस्ड स्कोर के आधार पर एक अलग प्रवेश प्रक्रिया होती है। यह संस्थान इसरो (ISRO) के अधीन कार्य करता है और विशेष रूप से अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर केंद्रित है।
- बी.एससी के बाद: एम.एससी या पीएचडी के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों की अपनी प्रवेश परीक्षाएं और साक्षात्कार होते हैं।
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ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद छात्र इसरो (ISRO), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) या अन्य संबंधित निजी कंपनियों में वैज्ञानिक/इंजीनियर के पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन संगठनों की अपनी भर्ती परीक्षाएं और साक्षात्कार प्रक्रिया होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एक Space Scientist के रूप में करियर न केवल वैज्ञानिक खोजों में योगदान करने का अवसर देता है बल्कि आकर्षक वेतन और सम्मान भी प्रदान करता है। भारत में एक अंतरिक्ष वैज्ञानिक का प्रारंभिक वेतन 50,000 से 1 लाख रुपये प्रति माह तक हो सकता है, जो अनुभव और पद के साथ बढ़ता जाता है।





