
Study Abroad: विदेश में पढ़ाई करने का सपना हर छात्र का होता है, लेकिन जब यह सपना चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बदल जाए, तो हालात कितने मुश्किल हो सकते हैं, इसका अंदाजा ईरान में पढ़ रहे विदेशी छात्रों की मौजूदा स्थिति से लगाया जा सकता है। ईरान में भारत सहित कई अन्य देशों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में लगभग 35 हजार तक पाकिस्तानी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो अब बढ़ती अनिश्चितता के कारण अपने देश लौटना चाहते हैं।
ईरान में Study Abroad: पाकिस्तानी छात्रों का अनिश्चित भविष्य और घर वापसी की जद्दोजहद
अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए बड़ी संख्या में छात्र अब अपने देश पाकिस्तान लौटने की कोशिश कर रहे हैं। कई छात्र अपने परिवारों के साथ संपर्क में हैं और सुरक्षित वापसी के लिए रास्ते तलाश रहे हैं। खबरों के अनुसार, सैकड़ों पाकिस्तानी नागरिक, जिनमें छात्र भी शामिल हैं, ईरान से निकलकर तफ्तान बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान पहुंचने लगे हैं। हालांकि, सभी छात्रों के लिए तुरंत निकल पाना आसान नहीं है।
ईरान में Study Abroad के लिए गए छात्रों पर मंडराया संकट
ईरान में पाकिस्तानी छात्रों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आते हैं। अनुमान है कि यहां करीब 3 हजार से लेकर 35 हजार तक छात्र विभिन्न कोर्स जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग आदि में पढ़ाई कर रहे हैं। ईरान लंबे समय से पाकिस्तान समेत कई देशों के छात्रों के लिए कम खर्च और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का एक अहम केंद्र रहा है, जिस कारण बड़ी संख्या में छात्र यहां आते रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ईरान से बाहर निकलने का रास्ता भी छात्रों के लिए आसान नहीं है। कई छात्रों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, वहीं कुछ को परिवहन की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ छात्रों ने बताया कि वे कई घंटों तक सफर कर बॉर्डर तक पहुंच रहे हैं, और इस दौरान उन्हें सुरक्षा तथा खाने-पीने जैसी बुनियादी चीजों की भी चिंता सता रही है।
पढ़ाई और छात्र सुरक्षा की चुनौतियां
बिगड़ते हालात का असर छात्रों की पढ़ाई पर भी साफ दिख रहा है। शुरुआत में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पढ़ाई को सामान्य रखने की कोशिश की, लेकिन जैसे-जैसे स्थिति गंभीर होती गई, कक्षाएं बुरी तरह प्रभावित होने लगीं। इस माहौल में छात्र सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। कई छात्र अब ऑनलाइन पढ़ाई की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में पढ़ाई जारी रखना लगभग असंभव हो गया है। परीक्षाओं और कक्षाओं का शेड्यूल भी अनिश्चित हो गया है, जिससे छात्रों के भविष्य पर सीधा असर पड़ रहा है। देशज टाइम्स बिहार का N0.1 बताता है कि ऐसे में छात्रों को मानसिक तनाव से भी जूझना पड़ रहा है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




