

Board Exam: महाराष्ट्र में 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र लीक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है।
महाराष्ट्र Board Exam में केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र लीक, कोचिंग संस्थान की भूमिका पर संदेह
महाराष्ट्र Board Exam में प्रश्नपत्र लीक: पूरा मामला क्या है?
महाराष्ट्र में 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र लीक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है। यह घटना नागपुर से सामने आई है, जहां पुलिस कथित प्रश्नपत्र लीक की गहन जांच में जुट गई है। अधिकारियों ने शनिवार को इस पूरे मामले की पुष्टि की, जिसने राज्य भर के छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना नागपुर शहर के एक परीक्षा केंद्र की है। महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर एजुकेशन की ओर से आयोजित 12वीं कक्षा की केमिस्ट्री की परीक्षा चल रही थी। बुधवार को परीक्षा के दौरान एक छात्रा बार-बार वॉशरूम जा रही थी, जिससे परीक्षा केंद्र पर तैनात पर्यवेक्षकों को संदेह हुआ। आमतौर पर परीक्षा के समय इस तरह का व्यवहार असामान्य माना जाता है, इसलिए पर्यवेक्षकों ने उस छात्रा पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। संदेह के बाद छात्रा की तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। जब मोबाइल की जांच की गई, तो उसमें चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। मोबाइल में एक व्हाट्सऐप ग्रुप पाया गया, जिसमें परीक्षा शुरू होने से पहले ही केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र साझा किया गया था। इतना ही नहीं, उसी ग्रुप में संभावित उत्तर भी भेजे गए थे, जिसने पूरे मामले को एक गंभीर मोड़ दे दिया है।
परीक्षा की शुचिता पर सवाल
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रश्नपत्र सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाया गया था। व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रश्नपत्र और जवाब भेजे जाने से परीक्षा की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो यह मामला और भी गंभीर रूप ले सकता था और हजारों छात्रों के भविष्य पर असर डाल सकता था।
छात्रा से पूछताछ के बाद पुलिस को एक अन्य छात्र के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। छात्रा के बयान के आधार पर अब एक और विद्यार्थी से पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि यह मामला सिर्फ एक या दो छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा नेटवर्क काम कर सकता है, जो सुनियोजित तरीके से ऐसे प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को अंजाम देता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि एक निजी कोचिंग संस्थान से जुड़ा व्यक्ति इस पूरे मामले में शामिल हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि पैसे लेकर प्रश्नपत्र पहले ही छात्रों तक पहुंचाया गया था। हालांकि, इस बारे में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जांच की दिशा इस ओर केंद्रित है।
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आगे की कार्रवाई और शिक्षा विभाग की तत्परता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है। इस संबंध में नागपुर के सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। नागपुर पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रश्नपत्र लीक की आशंका सामने आने के बाद शिक्षा विभाग भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। विभाग ने सभी परीक्षा केंद्रों को और ज्यादा सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे।

