

MP Board Exam: मध्य प्रदेश में दसवीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन अंग्रेजी के प्रश्न पत्र को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। इस घटना ने शिक्षा विभाग और छात्रों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
एमपी बोर्ड एग्जाम अंग्रेजी पेपर विवाद: पर्यवेक्षक पर लगा प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप!
MP Board Exam: मध्य प्रदेश में मंगलवार को दसवीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन अंग्रेजी के प्रश्न पत्र को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। बुरहानपुर जिले के तुकईथड़ स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद प्रश्न पत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिससे शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बताया जा रहा है कि अंग्रेजी की परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू हुई थी। आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक के रूप में तैनात एक शिक्षिका राजकुमारी सोनी ने प्रश्न पत्र की फोटो अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड कर दी। इसके तुरंत बाद ही यह तस्वीर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने लगी।
जांच में सामने आया कि शिक्षिका ने परीक्षा में अनुपस्थित एक छात्र की मेज पर रखे प्रश्न पत्र की तस्वीर खींची थी। आरोप यह भी है कि प्रश्न पत्र की यह फोटो किसी दूसरे व्यक्ति को भी भेजी गई थी, ताकि उसे हल कर परीक्षार्थियों को नकल कराई जा सके। यह घटना प्रश्न पत्र लीक होने की आशंका को जन्म देती है, हालांकि प्रशासन इससे इनकार कर रहा है।
क्या MP Board Exam का अंग्रेजी पेपर हुआ लीक?
मामले की जानकारी मिलते ही, जिला कलेक्टर हर्ष सिंह और अन्य अधिकारी तुरंत परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच के बाद शिक्षिका राजकुमारी सोनी को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्र अध्यक्ष जितेंद्र कुमार कुलकर्णी और सहायक केंद्राध्यक्ष अनीता दीक्षित को भी लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इंदौर संभाग के आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा की गोपनीयता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार पाटीदार के अनुसार, शिक्षिका के खिलाफ मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और इस घटना में संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें।
प्रशासन द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई
प्रश्न पत्र लीक की इन अफवाहों के बावजूद, जिला प्रशासन का दावा है कि प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में 109 छात्र-छात्राओं को सुबह 8:40 बजे से पहले ही प्रवेश दे दिया गया था और प्रश्न पत्र निर्धारित समय पर ही वितरित किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अधिकारियों का तर्क है कि शिक्षिका ने परीक्षा शुरू होने के बाद करीब 9 बजकर 6 मिनट पर फोटो अपने स्टेटस पर डाली थी। इसलिए इसे औपचारिक रूप से प्रश्न पत्र लीक नहीं माना जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रशासन की ओर से अब तक दोबारा परीक्षा कराए जाने की कोई घोषणा नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हुई और पेपर लीक होने जैसी कोई स्थिति नहीं बनी।


