



MPBSE Board Exam: मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आज, 10 फरवरी से शुरू हो गई हैं, जिसमें लाखों छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं और इस साल बोर्ड ने नकल रोकने के लिए एक अनोखी पहल की है।
MPBSE Board Exam: एमपी बोर्ड की परीक्षाओं में ‘ईमानदारी पेटी’ की अनूठी पहल, जानें पूरा विवरण
MPBSE Board Exam: नकल रोकथाम के लिए ‘ईमानदारी पेटी’ का नया तरीका
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आज यानी 10 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं। इस साल प्रदेश भर से करीब 16 लाख छात्र-छात्राएं इन महत्वपूर्ण परीक्षाओं में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि करीब 7 लाख विद्यार्थी 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए एमपी बोर्ड ने एक बेहद खास कदम उठाया है, जिसके तहत सभी परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी पेटी’ स्थापित की गई है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को बिना किसी डर के परीक्षा देने का अवसर प्रदान करना है और यह एक सराहनीय प्रयास है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
एमपी बोर्ड ने इस वर्ष ‘ईमानदारी पेटी’ नामक एक अनूठी पहल की है। यह पेटी हर परीक्षा केंद्र के बाहर रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि किसी छात्र के पास गलती से भी कोई नकल सामग्री, जैसे चिट, नोट्स, गाइड, मोबाइल फोन या कोई अन्य प्रतिबंधित वस्तु है, तो वह परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले उसे स्वेच्छा से इस पेटी में डाल सकता है।
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, छात्र अपनी मर्जी से यह कदम उठा सकते हैं। ईमानदारी पेटी में सामान डालने पर किसी भी छात्र का नाम उजागर नहीं किया जाएगा और न ही उस पर कोई दंडात्मक कार्रवाई होगी। यह पहल छात्रों को अपनी गलती सुधारने और बिना किसी तनाव या डर के परीक्षा देने का दूसरा मौका देती है। कई छात्रों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनका तनाव कम होता है और ईमानदारी को बढ़ावा मिलता है। छात्र परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से पहले अपने अन्य सामान जैसे बैग, पानी की बोतल आदि भी इस पेटी में सुरक्षित रख सकते हैं और परीक्षा समाप्त होने पर वापस ले सकते हैं।
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और व्यवस्था
प्रदेश भर में बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर परीक्षाएं पूरी व्यवस्था, शांतिपूर्ण माहौल और नकल मुक्त तरीके से संपन्न हों, इसके लिए शिक्षा विभाग और प्रशासन ने कई महीने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। राजधानी भोपाल में 10वीं के 30 हजार 746 और 12वीं के 26 हजार 627 छात्र परीक्षा दे रहे हैं, जिसके लिए कुल 104 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर कड़ी सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
एमपी बोर्ड के एक परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारी प्रतिमा ने बताया कि ईमानदारी पेटी का इस्तेमाल छात्रों को प्रोत्साहन देने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “हम हर छात्र की अच्छी भावना पर भरोसा करते हैं। अगर कोई गलती से कुछ ले आया है तो वह इसे यहां डाल दे।” इससे छात्रों को बिना किसी डर के परीक्षा देने में मदद मिलेगी। परीक्षा शुरू होने से पहले हर छात्र की गहन जांच की जाती है। छात्रों को सुबह 8:30 बजे तक केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य है और परीक्षा ठीक 9 बजे से शुरू होती है। देर से आने वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाती है, जिससे परीक्षा समय पर शुरू हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नकल पर लगाम: सीसीटीवी और फ्लाइंग स्क्वॉड की पैनी नजर
सभी परीक्षा केंद्रों पर हर छात्र की पूरी चेकिंग होती है। मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर (जहां आवश्यक न हो) और किसी भी प्रकार की नकल सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे लाइव निगरानी की जा रही है। भोपाल मुख्यालय से भी कुछ केंद्रों की सीधे मॉनिटरिंग की जा रही है। नकल रोकथाम के लिए उड़नदस्तों (फ्लाइंग स्क्वॉड) का भी गठन किया गया है। प्रत्येक जिले में चार फ्लाइंग स्क्वॉड कार्यरत हैं, जिनमें से दो विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर हैं। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होते हैं, जिनमें पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी शामिल होते हैं। ये स्क्वॉड लगातार केंद्रों का औचक निरीक्षण करते हुए किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी नजर रख रहे हैं। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/education/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

