
NCERT New English Textbook: एनसीईआरटी ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए अपनी नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक जारी कर दी है, जिसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा और यह छात्रों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है। इस नई पुस्तक का उद्देश्य छात्रों पर से पढ़ाई का बोझ कम करना और उन्हें भारतीय साहित्य व विचारों से बेहतर तरीके से परिचित कराना है।
# NCERT New English Textbook: कक्षा 9 की अंग्रेजी में बड़े बदलाव, अब सिर्फ एक किताब
एनसीईआरटी ने कक्षा 9 के लिए अंग्रेजी की एक नई पाठ्यपुस्तक जारी की है, जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी। इस महत्वपूर्ण बदलाव के तहत अब छात्रों को अंग्रेजी की दो किताबों की बजाय सिर्फ एक ही किताब पढ़नी होगी। इसके साथ ही, पाठों की संख्या भी काफी कम कर दी गई है, जिससे छात्रों के स्कूल बैग का बोझ और पढ़ाई का दबाव दोनों ही कम हो सकेंगे। नई पुस्तक में भारतीय लेखकों की रचनाओं को अधिक महत्व दिया गया है, ताकि छात्र अपनी समृद्ध साहित्यिक विरासत से जुड़ सकें।
## NCERT New English Textbook: जानिए कावेरी में क्या है नया
कक्षा 9 की इस नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक का नाम ‘कावेरी’ रखा गया है। यह पुस्तक पहले पढ़ाई जा रही ‘बीहाइव’ (Beehive) और ‘मोमेंट्स’ (Moments) नामक दो पुस्तकों का स्थान लेगी। ‘कावेरी’ को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय विद्यालय शिक्षा पाठ्यक्रम ढांचा (National Curriculum Framework for School Education) के आधार पर तैयार किया गया है। पुस्तक की शुरुआत राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध लेखिका सुधा मूर्ति की 2004 में प्रकाशित पुस्तक ‘हाउ आई टॉट माय ग्रैंडमदर टू रीड एंड अदर स्टोरीज’ से ली गई एक मार्मिक कहानी से होती है, जिसमें उन्होंने अपने बचपन की यादों और अपनी दादी को पढ़ना सिखाने के अनुभव को साझा किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पहले कक्षा 9 के लिए अंग्रेजी की दो किताबें होती थीं, जिनमें कुल 29 पाठ शामिल थे। इनमें से 15 पाठ विदेशी लेखकों के थे। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब पाठों की कुल संख्या 29 से घटाकर 16 कर दी गई है। यह **सिलेबस में बदलाव** छात्रों को अधिक केंद्रित और प्रभावी ढंग से सीखने में मदद करेगा। नई किताब में भारतीय और विदेशी लेखकों की रचनाओं को लगभग बराबर जगह मिली है, लेकिन भारतीय लेखकों की उपस्थिति पहले की तुलना में अधिक है, जो देशज साहित्य को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
## भारतीय और विदेशी लेखकों की रचनाएं
नई पुस्तक में कई प्रमुख भारतीय लेखकों की रचनाओं को शामिल किया गया है। इनमें तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती, राज्यसभा सांसद और लेखिका सुधा मूर्ति, नागा लेखिका टेम्सुला आओ, नोबेल पुरस्कार विजेता कवि रवींद्रनाथ टैगोर और असमिया उपन्यासकार मित्रा फुकन जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। इन रचनाओं के माध्यम से छात्रों को भारतीय समाज, संस्कृति और जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, किताब में भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़े तत्व भी शामिल किए गए हैं, जो छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़े रखेंगे।
नई पुस्तक में छह विदेशी लेखकों की रचनाएं भी शामिल की गई हैं। इनमें अमेरिकी कवि डेविड रोथ, अंग्रेजी कवि चार्ल्स स्वैन, अमेरिकी बाल लेखिका ब्रायना टी. पर्किन्स, कवि रॉबर्ट लैंगली, लेखिका माया एंथोनी और सिंगापुर में रहने वाली लेखिका आईरीन चुआ की रचनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, प्रसिद्ध लेखक ओ. हेनरी की मशहूर कहानी ‘द लास्ट लीफ’ को भी नई किताब में जगह मिली है, जो छात्रों को विश्व साहित्य से भी रूबरू कराएगी। यह **पाठ्यक्रम का बोझ कम** करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्रदान करने का एक अच्छा प्रयास है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
## पाठों का पुनर्गठन और शैक्षणिक लाभ
एनसीईआरटी का यह कदम छात्रों को आधुनिक और प्रासंगिक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पाठों की संख्या में कमी और भारतीय लेखकों पर जोर देने से छात्रों को अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और समझने में मदद मिलेगी। यह पुस्तक केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को जीवन कौशल और नैतिक मूल्यों से भी परिचित कराएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पुनर्गठन से छात्रों को रटने के बजाय सोचने और समझने पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी समग्र सीखने की क्षमता में सुधार होगा।
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