NCERT Deemed University: भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी चल रही है, जहाँ अब तक स्कूल शिक्षा तक सीमित राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) जल्द ही एक प्रतिष्ठित डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त कर सकती है। यह कदम देश में शैक्षिक अनुसंधान और शिक्षक प्रशिक्षण को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, जिसका सीधा लाभ छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा।
# NCERT Deemed University: राष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था में नया अध्याय
भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक नए और महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश कर रही है। जिस संस्था को अभी तक हम सिर्फ स्कूलों के पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकें तैयार करने वाली संस्था के रूप में जानते थे, वह जल्द ही एक पूर्ण विश्वविद्यालय का रूप ले सकती है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अगर यह ऐतिहासिक फैसला लागू होता है, तो NCERT सिर्फ कक्षा 1 से 12 तक की किताबें बनाने तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह उच्च शिक्षा, गहन अनुसंधान, शिक्षक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में भी एक बड़ी और प्रभावशाली भूमिका निभाएगी। इस परिवर्तन से भारत की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा मिलने और वैश्विक स्तर पर इसकी पहचान मजबूत होने की प्रबल उम्मीद है।
## NCERT Deemed University बनने के बाद क्या होगा?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव इस समय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के पास विचाराधीन है। सभी आवश्यक दस्तावेज़ और औपचारिक प्रक्रियाएँ पहले ही पूरी कर ली गई हैं। अब UGC की आगामी बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह आशा की जा रही है कि जनवरी के अंत तक इस पर अंतिम निर्णय आ सकता है। यदि UGC अपनी सिफारिशें दे देता है, तो इसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही NCERT को आधिकारिक तौर पर डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त हो जाएगा।
यदि NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलता है, तो इसके कार्यप्रणाली में मूलभूत परिवर्तन देखने को मिलेंगे। अब NCERT को स्वयं डिग्रियाँ प्रदान करने का अधिकार प्राप्त हो जाएगा। डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के बाद, NCERT स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी (PhD) जैसी डिग्रियाँ अपने स्तर पर जारी कर सकेगी। वर्तमान में NCERT का मुख्य कार्य स्कूल शिक्षा तक सीमित है, लेकिन इस बदलाव के बाद शैक्षिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा, शिक्षा नीति पर अधिक गहनता से काम किया जाएगा, तथा नए कोर्स और कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। शिक्षकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम, आधुनिक शिक्षण तकनीकें और अनुसंधान-आधारित शिक्षण मॉडल तैयार किए जाएंगे, जिससे स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
## डीम्ड यूनिवर्सिटी क्या होती है?
भारत में सभी विश्वविद्यालयों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा मान्यता प्रदान की जाती है। डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी का दर्जा उन विशिष्ट संस्थानों को दिया जाता है जो किसी विशेष क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हैं और शिक्षा तथा अनुसंधान में मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रखते हैं। देश में वर्तमान में लगभग 145 डीम्ड यूनिवर्सिटीज मौजूद हैं। इनमें सबसे पहले यह दर्जा भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु को वर्ष 1958 में मिला था। तमिलनाडु राज्य में सर्वाधिक डीम्ड यूनिवर्सिटीज हैं। इन संस्थानों को अपने कोर्स डिज़ाइन करने, पाठ्यक्रम बनाने, प्रवेश नियम तय करने और शुल्क निर्धारित करने की पूरी स्वायत्तता होती है, जिससे वे अपनी विशिष्टता और उच्च शिक्षा के मानकों को बनाए रख सकें। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें। यह शैक्षिक स्वतंत्रता इन संस्थानों को नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाती है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



