
Nepal Politics: नेपाल की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हाल ही में हुए आम चुनाव के नतीजों ने कई पुराने राजनीतिक दलों को बड़ा झटका दिया है, और इन्हीं राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सरकार बनाने की स्थिति में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है।
Nepal Politics: अमरेश कुमार सिंह का उदय: नई उम्मीदें और चुनौतियाँ
Nepal Politics: नए चेहरों का बढ़ता प्रभाव
पार्टी के नेता और पूर्व रैपर बलेन्द्र शाह की अगुवाई में RSP ने कई महत्वपूर्ण सीटों पर जीत दर्ज की है। इसी बीच एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है और वह है अमरेश कुमार सिंह। उन्होंने चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है और अब नेपाल की राजनीति में तेजी से उभरते नेता के रूप में देखे जा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अमरेश कुमार सिंह ने सर्लाही-4 संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था। इस सीट पर उनका मुकाबला नेपाल की बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के नेता गगन थापा से था। चुनाव के नतीजों में अमरेश सिंह को 35,688 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी गगन थापा को 22,838 वोट मिले। इस तरह अमरेश सिंह ने बड़ी बढ़त के साथ जीत दर्ज की। इस सीट पर तीसरे स्थान पर नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार अमनिश कुमार यादव रहे, जिन्हें 9,343 वोट मिले।
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अमरेश कुमार सिंह की शैक्षिक पृष्ठभूमि
अमरेश कुमार सिंह की शिक्षा भी काफी खास रही है। उन्होंने भारत की टॉप यूनिवर्सिटी में से एक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली से पढ़ाई की है। JNU से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंध और अंतरराष्ट्रीय कानून विषय में पीएचडी की डिग्री हासिल की है। यह विषय दुनिया की राजनीति, देशों के रिश्तों और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़ा होता है। इसी पढ़ाई ने उन्हें वैश्विक राजनीति और कूटनीति को समझने का मौका दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जब अमरेश सिंह आए सुर्खियों में
नेपाल की राजनीति में चर्चा में आए अमरेश कुमार सिंह पहले भी अपने एक अनोखे विरोध के कारण सुर्खियों में रह चुके हैं। साल 2024 में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वे संसद के अंदर अचानक अपनी शर्ट उतारकर गुस्से में भाषण देते नजर आए थे। दरअसल, उस समय सदन के स्पीकर ने उन्हें बोलने के लिए समय देने से मना कर दिया था। इसके विरोध में दक्षिणी मधेश क्षेत्र से चुने गए उस समय के निर्दलीय सांसद अमरेश कुमार सिंह ने कड़ा विरोध जताया और अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बोलना जारी रखा था। उनके इस अंदाज ने संसद के अंदर मौजूद लोगों को भी हैरान कर दिया था और यह घटना लंबे समय तक चर्चा में रही थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




