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मार्च, 4, 2026
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नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026: ज्ञान और संस्कृति का भव्य समागम

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New Delhi World Book Fair: साहित्य और शिक्षा के संगम का एक नया अध्याय दिल्ली की प्रगति भूमि पर शुरू हो चुका है, जहां ‘भारत मंडपम’ में दुनिया के सबसे बड़े पुस्तक मेलों में से एक ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026’ का शानदार आयोजन किया गया है। यह साहित्यिक महाकुंभ विद्यार्थियों, पुस्तक प्रेमियों और ज्ञान पिपासुओं के लिए एक अनुपम अवसर लेकर आया है।

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नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026: ज्ञान और संस्कृति का भव्य समागम

New Delhi World Book Fair 2026: महत्वपूर्ण तिथियां और निशुल्क प्रवेश

यह नौ दिवसीय भव्य पुस्तक मेला 10 जनवरी से शुरू होकर 18 जनवरी तक चलेगा। सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक आप इस साहित्यिक उत्सव का हिस्सा बन सकते हैं। इस वर्ष, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) और भारत व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया।

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इस वर्ष के मेले की सबसे बड़ी और आकर्षक विशेषता इसका ‘निशुल्क प्रवेश’ है। शिक्षा मंत्रालय ने युवा पीढ़ी को किताबों से जोड़ने और पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रवेश शुल्क को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। अब कोई भी पुस्तक प्रेमी बिना किसी टिकट के इस ज्ञानवर्धक अनुभव का लाभ उठा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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आजादी के अमृत काल के समापन के बाद, इस साल की थीम ‘भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं विवेक @75’ रखी गई है, जो देश के वीर सपूतों को समर्पित है। 1,000 वर्ग मीटर में फैले विशेष थीम पवेलियन में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के गौरवशाली इतिहास को दर्शाया गया है। यहां अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस के विशाल मॉडल्स के साथ 500 से अधिक ऐसी पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं जो भारतीय सैनिकों के बलिदान और युद्ध कौशल की गाथाएं सुनाती हैं।

वैश्विक भागीदारी और प्रमुख आकर्षण

इस पुस्तक मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रकाशक अपनी कृतियों के साथ हिस्सा ले रहे हैं, जिससे यह वैश्विक साहित्यिक मंच का रूप ले चुका है। इस बार ‘कतर’ को अतिथि देश (Guest of Honour) और ‘स्पेन’ को फोकस देश का विशेष दर्जा दिया गया है। मेले के दौरान लगभग 600 साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लेखकों से संवाद, नई पुस्तकों का विमोचन और रचनात्मक कार्यशालाएं शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

बच्चों के लिए एक विशेष ‘चिल्ड्रन पवेलियन’ भी बनाया गया है, जहां कहानी कहने के सत्र और क्रिएटिव वर्कशॉप का आयोजन हो रहा है ताकि नन्हे पाठकों को भी किताबों की दुनिया से जोड़ा जा सके। शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रसिद्ध कलाकारों, जैसे रिकी केज, की प्रस्तुतियां और सेना के बैंड्स का मधुर संगीत मेले की रौनक में चार चांद लगा रहा है। यदि आप भी किताबों के शौकीन हैं और भारत के गौरवशाली इतिहास को करीब से देखना चाहते हैं, तो 18 जनवरी तक भारत मंडपम जरूर पहुंचें। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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