

Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधे संवाद करने के लिए एक बार फिर तैयार हैं। यह वार्षिक कार्यक्रम देशभर के विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त होने और आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने में मदद करता है।
Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पे चर्चा 2026 में पीएम मोदी का छात्रों को मंत्र, जानिए कब और कहां देखें सीधा प्रसारण
Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पे चर्चा का नौवां संस्करण और रिकॉर्ड पंजीकरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 6 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे अपने बहुप्रतीक्षित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के नौवें संस्करण में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत करेंगे। इस पहल की शुरुआत पीएम मोदी ने साल 2018 में की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दबाव से मुक्त करना और उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करना है। पहली बार यह कार्यक्रम नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया था और अब यह देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी जैसे विभिन्न शहरों में भी आयोजित किया जाता है। इस वर्ष, कार्यक्रम के लिए रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण हुए हैं। कुल 6.76 करोड़ से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें लगभग 4.5 करोड़ छात्र शामिल हैं, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। छात्र, अभिभावक और शिक्षक बेसब्री से इस कार्यक्रम का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें पीएम मोदी से मार्गदर्शन मिल सके। इस कार्यक्रम का सीधा लाइव प्रसारण कई मंचों पर किया जाएगा, जिसका विवरण नीचे दिया गया है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/education/
परीक्षा पे चर्चा 2026: कहां देखें कार्यक्रम का सीधा प्रसारण और पीएम मोदी का संदेश
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को आप दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया, प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल और Mygov पर देख सकते हैं। इसके अलावा, फेसबुक और ऑल इंडिया रेडियो पर भी इसका लाइव प्रसारण किया जाएगा। यह व्यापक पहुंच सुनिश्चित करती है कि देश के कोने-कोने तक छात्र और अभिभावक इस महत्वपूर्ण संवाद का हिस्सा बन सकें।
पिछले ‘परीक्षा पे चर्चा 2025’ कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा था कि परीक्षाएं जीवन का केवल एक हिस्सा हैं, न कि अंतिम लक्ष्य। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया था कि वे अपने अंकों को सफलता का अंतिम मापदंड न मानें। उनका संदेश स्पष्ट था कि दसवीं या बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक न आने का मतलब यह नहीं कि जीवन बर्बाद हो जाता है। समाज में अक्सर कम अंकों को लेकर तनावपूर्ण माहौल बन जाता है, और छात्र भी इस दबाव को महसूस करते हैं। पीएम मोदी ने छात्रों को इस दबाव को अपने ऊपर हावी न होने देने और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी। उन्होंने लगातार खुद को बेहतर बनाने के प्रयासों पर जोर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कार्यक्रम छात्रों को न केवल शैक्षणिक बल्कि भावनात्मक रूप से भी सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह देशज टाइम्स बिहार का N0.1 की विशेष प्रस्तुति है।


