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फ़रवरी, 25, 2026
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अब आर्ट्स-कॉमर्स वाले भी भर सकेंगे उड़ान, Pilot License नियमों में DGCA का बड़ा बदलाव

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Pilot License: अगर आप 12वीं आर्ट्स या कॉमर्स से पास हैं और पायलट बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने कमर्शियल पायलट लाइसेंस के नियमों में बदलाव का एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अब पायलट बनने के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स की अनिवार्यता खत्म की जा सकती है। यह बदलाव लाखों छात्रों के लिए एविएशन सेक्टर के दरवाजे खोल देगा।

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अब आर्ट्स-कॉमर्स वाले भी भर सकेंगे उड़ान, Pilot License नियमों में DGCA का बड़ा बदलाव

पहले, भारत में कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) प्राप्त करने के लिए छात्रों को 12वीं कक्षा में अनिवार्य रूप से फिजिक्स और मैथ्स विषयों के साथ उत्तीर्ण होना पड़ता था। इसका मतलब था कि केवल साइंस स्ट्रीम के छात्र ही सीधे इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकते थे, जबकि आर्ट्स या कॉमर्स पृष्ठभूमि के छात्रों को अलग से ओपन स्कूल के माध्यम से या अन्य तरीकों से इन विषयों को पास करना पड़ता था, जो प्रक्रिया को लंबा और जटिल बना देता था।

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Pilot License: DGCA के प्रस्ताव से बदलेगी पायलट बनने की राह

DGCA का यह नया प्रस्ताव पायलट लाइसेंस से जुड़े कई नियमों को बदलने की दिशा में एक अहम कदम है। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, स्टूडेंट पायलट लाइसेंस के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना आवश्यक होगा। वहीं, प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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सबसे बड़ा बदलाव कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) और एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATPL) के लिए प्रस्तावित है। इन लाइसेंसों को प्राप्त करने के लिए अब केवल 12वीं पास होना पर्याप्त होगा, और किसी विशेष स्ट्रीम की बाध्यता नहीं होगी। यानी, आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस, किसी भी स्ट्रीम के छात्र कमर्शियल फ्लाइट उड़ाने का अपना सपना पूरा कर सकेंगे। यह कदम एविएशन सेक्टर में विविधता लाने और अधिक युवाओं को इसमें शामिल होने का अवसर देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लचीलेपन के सिद्धांत के अनुरूप भी है, जिसका लक्ष्य छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार करियर चुनने की स्वतंत्रता देना है।

आगे क्या? क्या फिजिक्स-मैथ्स की अब जरूरत नहीं पड़ेगी?

भले ही 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स की अनिवार्य शर्त हट जाए, लेकिन पायलट की ट्रेनिंग में फिजिक्स, मैथ्स, मौसम विज्ञान, नेविगेशन जैसे विषय अभी भी महत्वपूर्ण बने रहेंगे। विमान उड़ाना केवल बटन दबाने का काम नहीं है; इसमें गहरी तकनीकी समझ और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता होती है। इसलिए, यह संभव है कि ट्रेनिंग संस्थान आर्ट्स और कॉमर्स के छात्रों के लिए विशेष रूप से बेसिक फाउंडेशन क्लास शुरू करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे शुरुआती ट्रेनिंग थोड़ी लंबी और संभावित रूप से महंगी भी हो सकती है, ताकि सभी छात्रों को आवश्यक तकनीकी ज्ञान में समान स्तर पर लाया जा सके।

एविएशन इंडस्ट्री में सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए, DGCA यह सुनिश्चित करेगा कि चाहे छात्र किसी भी स्ट्रीम से आया हो, उसकी ट्रेनिंग और टेस्टिंग का स्तर उच्चतम मानकों के अनुरूप हो। पायलटों की लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें पात्रता मानदंड हमेशा सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने वाले होने चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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