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जनवरी, 4, 2026

सरकारी स्कूलों में अब हर दिन अखबार पढ़ना होगा अनिवार्य: राजस्थान Education News का बड़ा फैसला

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Rajasthan Education News: राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूलों में छात्रों के समग्र विकास और ज्ञानवर्धन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में प्रतिदिन अखबार पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित हो और वे देश-दुनिया की घटनाओं से अवगत रहें।

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सरकारी स्कूलों में अब हर दिन अखबार पढ़ना होगा अनिवार्य: राजस्थान Education News का बड़ा फैसला

Rajasthan Education News: क्यों उठाया गया यह कदम?

राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। छात्रों में किताबों और खबरों के प्रति रुचि बढ़े, उनकी भाषा बेहतर हो और उन्हें देश-दुनिया की जानकारी मिले, इसी उद्देश्य से अब सभी सरकारी स्कूलों में रोजाना अखबार पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि अगर बच्चे कम उम्र से ही अखबार पढ़ने की आदत डाल लें, तो उनका सोचने-समझने का तरीका बेहतर होगा और वे ज्यादा जागरूक नागरिक बनेंगे। इससे उनके पठन-पाठन की क्षमता में भी वृद्धि होगी। अगर आप देश और शिक्षा से जुड़ी ऐसी और खबरें जानना चाहते हैं, तो आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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राज्य के विद्यालय शिक्षा विभाग की ओर से 31 दिसंबर को जारी आदेश के अनुसार, अब हर सरकारी स्कूल में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान कम से कम 10 मिनट अखबार पढ़ने का समय तय किया गया है। इस दौरान छात्र अखबार की खबरें पढ़ेंगे और उन्हें समझने की कोशिश करेंगे। इस पहल का मुख्य मकसद छात्रों को रोजमर्रा की घटनाओं, देश और दुनिया में हो रहे बदलावों और समाज से जुड़े मुद्दों से जोड़ना है।

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सरकार का कहना है कि आज के समय में बच्चों का अधिकतर समय मोबाइल और सोशल मीडिया पर बीत रहा है। इससे उनका ध्यान पढ़ाई से हटता जा रहा है। ऐसे में अखबार पढ़ने की यह पहल बच्चों को स्क्रीन से दूर रखकर ज्ञान की ओर ले जाने का एक अच्छा प्रयास है। अखबार पढ़ने से न सिर्फ जानकारी बढ़ती है, बल्कि बच्चों की पढ़ने की गति, समझ और भाषा पर भी सकारात्मक असर पड़ता है, जो उनके समग्र पठन-पाठन के लिए महत्वपूर्ण है।

भाषा कौशल पर रहेगा खास ध्यान

शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि अखबार पढ़ने के साथ-साथ भाषा सुधार पर भी पूरा जोर दिया जाएगा। निर्देशों के अनुसार, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कम से कम दो अखबार रखना जरूरी होगा। इनमें एक हिंदी और एक अंग्रेजी अखबार शामिल होगा। वहीं सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूलों में कम से कम दो हिंदी अखबार उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। इन अखबारों की सदस्यता का पूरा खर्च जयपुर स्थित राजस्थान विद्यालय शिक्षा परिषद वहन करेगी। यानी स्कूलों या अभिभावकों पर इसका कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। सरकार चाहती है कि हर छात्र को अखबार पढ़ने का मौका मिले, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से आता हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको शिक्षा और करियर से जुड़ी हर अहम जानकारी सबसे पहले देता है।

अखबार पढ़ने के दौरान छात्रों की शब्दावली बढ़ाने पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रोजाना अखबार से कम से कम पांच नए शब्द चुनें। इन शब्दों के अर्थ छात्रों को समझाए जाएं और उन्हें वाक्यों में प्रयोग करना भी सिखाया जाए। इससे बच्चों की हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर पकड़ मजबूत होगी। सुबह की सभा में एक राष्ट्रीय स्तर का हिंदी अखबार और एक अंग्रेजी अखबार जोर से पढ़ा जाएगा। इससे बच्चों को सही उच्चारण, वाक्य समझने और सुनने की आदत भी विकसित होगी। कई बच्चे पढ़ तो लेते हैं, लेकिन बोलने में झिझकते हैं। यह अभ्यास उनकी झिझक दूर करने में भी मदद करेगा।

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आत्मविश्वास और सामान्य ज्ञान में वृद्धि

सरकार ने स्कूलों को यह भी निर्देश दिया है कि छात्रों को कक्षा के अनुसार छोटे-छोटे समूहों में बांटा जाए। इन समूहों में बच्चे अखबार के संपादकीय लेख, देश-विदेश की बड़ी खबरें और खेल जगत से जुड़ी घटनाओं पर चर्चा करेंगे। शिक्षक बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे और उन्हें अपनी बात खुलकर रखने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इस तरह की चर्चा से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। वे अपनी राय रखना सीखेंगे और दूसरों की बात सुनने की आदत भी डालेंगे। इससे उनमें तर्क करने और सही-गलत को समझने की क्षमता भी विकसित होगी। इस पहल से छात्रों का ज्ञानवर्धन होगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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अधिकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम सिर्फ स्कूल की पढ़ाई तक सीमित नहीं है। अखबार पढ़ने से बच्चों का सामान्य ज्ञान मजबूत होगा, जो आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बहुत काम आता है। चाहे वह सरकारी नौकरी की परीक्षा हो या किसी अन्य तरह की प्रवेश परीक्षा, सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स की भूमिका हमेशा अहम रहती है। यह महत्वपूर्ण निर्णय राजस्थान Education News के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

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