
Fake University: देशभर के छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी और जरूरी चेतावनी सामने आई है। कॉलेज में दाखिले का समय आते ही कई संस्थान बड़े-बड़े दावे करने लगते हैं, लेकिन हर चमकती चीज सोना नहीं होती। इसी बात को साफ करते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सख्त शब्दों में लोगों को आगाह किया है कि वे राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में प्रवेश न लें। यूजीसी ने इस संस्थान को फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल किया है।
Fake University: यूजीसी ने जारी की बड़ी चेतावनी, इस विश्वविद्यालय में दाखिला लेने से पहले जान लें पूरी सच्चाई
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एक बार फिर छात्रों को फर्जी संस्थानों से सावधान रहने की अपील की है। विशेष रूप से, आयोग ने राजस्थान के अलवर जिले में स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, भिवाड़ी को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यूजीसी का कहना है कि यह संस्थान यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 2(एफ) और धारा 3 के तहत मान्यता प्राप्त नहीं है, जिसका अर्थ है कि इसे कोई भी डिग्री प्रदान करने का अधिकार नहीं है।
यहां से प्राप्त की गई डिग्रियां न तो आगे की शिक्षा के लिए मान्य होंगी और न ही सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी के लिए स्वीकार की जाएंगी। यह UGC चेतावनी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसे संस्थान अक्सर छात्रों को गुमराह कर उनके समय और पैसे का नुकसान करते हैं।
Fake University: ऐसे संस्थानों से रहें सावधान
यूजीसी ने अभिभावकों, छात्रों और आम जनता से आग्रह किया है कि वे इस तरह के “स्वयंभू” और गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों से दूर रहें। फरवरी 2026 में भी यूजीसी ने एक नोटिस जारी कर इस संस्थान का नाम फर्जी सूची में शामिल किया था। इसके बाद अब एक बार फिर यह UGC चेतावनी जारी की गई है ताकि कोई भी छात्र अनजाने में यहां दाखिला लेकर अपना भविष्य बर्बाद न करे। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत कार्यरत यूजीसी, समय-समय पर ऐसी सूची जारी कर लोगों को सचेत करता रहता है।
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फर्जी विश्वविद्यालयों की राज्यवार सूची
यूजीसी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फर्जी विश्वविद्यालयों की एक व्यापक सूची भी प्रकाशित की है। यह सूची छात्रों को यह जानने में मदद करती है कि किन संस्थानों से दूर रहना चाहिए। विभिन्न राज्यों में ऐसे कई संस्थान हैं जो बिना किसी कानूनी अधिकार के डिग्रियां प्रदान कर रहे हैं। यहां कुछ प्रमुख राज्यों में स्थित ऐसे ही फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची दी गई है:
- दिल्ली
- ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंसेज (AIIPHS)
- कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज
- यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, दिल्ली
- वोकेशनल यूनिवर्सिटी, दिल्ली
- एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी, राजेंद्र प्लेस
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, नई दिल्ली
- विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ एम्प्लॉयमेंट, संजय एन्क्लेव
- आध्यात्मिक विश्वविद्यालय, रोहिणी
- वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, पीतमपुरा
- इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग, कोटला मुबारकपुर
- हरियाणा
- मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद
- राजस्थान
- राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, भिवाड़ी (अलवर)। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- उत्तर प्रदेश
- गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग (इलाहाबाद)
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी (ओपन यूनिवर्सिटी), अचलताल, अलीगढ़
- भारतीय शिक्षा परिषद, लखनऊ
- महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी, नोएडा
- झारखंड
- दक्ष यूनिवर्सिटी (वोकेशनल एंड लाइफ स्किल एजुकेशन), रांची
- आंध्र प्रदेश
- क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी
- बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया, विशाखापट्टनम
- अरुणाचल प्रदेश
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन
- पश्चिम बंगाल
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन, कोलकाता
- इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च, डायमंड हार्बर रोड
- महाराष्ट्र
- राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी, नागपुर
- पुडुचेरी
- श्री बोधि एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, पुडुचेरी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी विश्वविद्यालय या संस्थान में दाखिला लेने से पहले यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उसकी मान्यता की जांच अवश्य करें। यह सुनिश्चित करेगा कि आपकी डिग्री वैध और स्वीकार्य हो।

