back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 20, 2026
spot_img

यूपी बोर्ड एग्जाम: दो दिनों में 3 लाख से अधिक छात्रों ने छोड़ी परीक्षा, भविष्य पर सवालिया निशान

spot_img
- Advertisement - Advertisement

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित की जा रही परीक्षा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शुरुआती दो दिनों में ही 3 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी है, जिसने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है। यह आंकड़ा न केवल चिंताजनक है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के समर्पण पर भी कई सवाल खड़े करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह व्यापक परीक्षा में अनुपस्थिति एक गंभीर चिंता का विषय है।

- Advertisement -

यूपी बोर्ड एग्जाम में घटती छात्र संख्या: एक विश्लेषण

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा में सख्ती, नकल पर लगाम लगाने के सरकारी प्रयासों और तैयारी की कमी जैसे कई कारण इस बड़ी संख्या में छात्रों के अनुपस्थित रहने के पीछे हो सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों से यूपी बोर्ड अपनी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहा है, जिसका असर इस बार की परीक्षा में साफ तौर पर देखा जा रहा है। छात्रों के लिए लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी, सीसीटीवी कैमरे और एसटीएफ की तैनाती ने उन छात्रों को हतोत्साहित किया है जो अनुचित साधनों का उपयोग करने की सोच रहे थे। कई छात्र जो नियमित रूप से स्कूल नहीं जाते या जिनकी तैयारी कमजोर है, वे परीक्षा के दबाव से बचने के लिए अनुपस्थित रहना ही बेहतर समझते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Maithili Language: मैथिली एजुकेशन से मिलेगी केमिस्ट्री समझने में आसानी, पढ़िए Darbhanga LNMU की नई शिक्षा नीति@Commission of Scientific and Technical Terminology...नई पहल... 3500 शब्दों का अनुवाद

सरकार और शिक्षा विभाग की चुनौतियाँ

इस विशाल अनुपस्थिति के आंकड़े ने शिक्षा विभाग और सरकार के सामने नई चुनौतियां पेश की हैं। यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या यह सिर्फ नकल रोकने का प्रभाव है या फिर शिक्षा प्रणाली में कहीं और सुधार की आवश्यकता है। सरकार को ऐसे छात्रों की पहचान करनी होगी और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने के लिए विशेष योजनाएं बनानी होंगी।

शिक्षाविदों का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और छात्रों को परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करना बेहद जरूरी है। इसके लिए स्कूलों में नियमित पढ़ाई, शिक्षकों की उपलब्धता और छात्रों को सही मार्गदर्शन प्रदान करना महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य का सवाल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर, रुपये की चिंताएं बरकरार

Forex Reserve: वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और रुपये में जारी गिरावट के बीच भारतीय...

भारत में सर्वश्रेष्ठ Daily Data Plan कौन सा? Jio, Airtel, Vi और BSNL की पूरी तुलना

Daily Data Plan: भारत के तेजी से बदलते टेलीकॉम बाजार में, हर उपभोक्ता अपने...

Ramzan 2026: पहले जुमे की बरकत और नन्हे रोज़ेदारों का जज़्बा

Ramzan 2026: रहमतों और बरकतों का माह-ए-रमज़ान अपने आगमन के साथ ही दुनिया भर...

Darbhanga News: गांधीनगर में गूंजी ज्ञान की हुंकार, RSS संघ प्रचारक ने छात्रों को दिया सफलता का 6-सूत्रीय ‘मंत्र’, जानें कौन बने विजेता

Darbhanga News: गांधीनगर में गूंजी ज्ञान की हुंकार, संघ प्रचारक ने छात्रों को दिया...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें