

UP Board Exam: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ी इन परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
# यूपी बोर्ड एग्जाम: फरवरी में शुरू होने वाली परीक्षाओं के लिए पुख्ता तैयारी, 42 हजार से अधिक छात्र देंगे इम्तिहान
## UP Board Exam के सफल आयोजन हेतु कड़े निर्देश
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित आईआईएमटी कॉलेज में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। यह बैठक 18 फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान जिले के 60 परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट ने भी भाग लिया। सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षाएं पूरी तरह से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों।
जिलाधिकारी ने सभी परीक्षा केंद्रों पर स्ट्रांग रूम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन स्ट्रांग रूम में प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित रखी जाएंगी। इन कमरों की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की सेंधमारी या अनियमितता को रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी तरह की ढील या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी समय पर अपनी ड्यूटी पर पहुंचें। देरी या अनुपस्थिति को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा।
## परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था
बैठक में जिलाधिकारी ने स्ट्रांग रूम में रखी चार डबल लॉक अलमारियों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अलमारियों को खोलने और बंद करने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार होनी चाहिए। परीक्षा के दिन प्रश्न पत्र के लिफाफे को खोलने से पहले केंद्र व्यवस्थापक, सह-केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तीनों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इनकी उपस्थिति के बिना कोई भी लिफाफा नहीं खोला जाएगा। चाबियों का रखरखाव भी निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा, ताकि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
डीएम मेधा रूपम ने परीक्षा केंद्रों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी केंद्रों पर पीने के पानी की उचित व्यवस्था, प्राथमिक उपचार की सुविधा और शौचालयों को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी तय की जाए। इसके साथ ही, पुलिस को भी निर्देश दिए गए कि परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर शांति बनाए रखें। किसी भी तरह की भीड़ या अव्यवस्था न होने पाए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा ताकि सुरक्षा का स्तर और मजबूत हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में जिले के लगभग 42,917 छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे। इनमें दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 60 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और सभी केंद्रों पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। प्रश्न पत्र की सुरक्षा से लेकर, छात्रों के बैठने की व्यवस्था और निगरानी तक की तैयारी युद्धस्तर पर की गई है।
बैठक में साफ कहा गया कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराया जाएगा। नकल या किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परीक्षा के दौरान किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए। अगर कहीं से भी गड़बड़ी की सूचना मिलती है तो संबंधित अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें



