
UPSC CAPF: दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी 2026 को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिलेगा जब जम्मू-कश्मीर के नौशेरा की सिमरन बाला CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह केवल एक परेड नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का सशक्त प्रतीक है।
# UPSC CAPF पास कर सिमरन बाला ने रचा इतिहास: गणतंत्र दिवस परेड में करेंगी CRPF पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व
## सिमरन बाला का UPSC CAPF से CRPF तक का सफर
सिमरन बाला का जन्म जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा क्षेत्र में हुआ। पहाड़ी और सीमावर्ती इलाके में पली-बढ़ी सिमरन ने बचपन से ही अनुशासन और जिम्मेदारी का महत्व समझा। सीमाओं के पास रहने का असर यह रहा कि उनके मन में देश के लिए कुछ करने की भावना धीरे-धीरे मजबूत होती चली गयी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सिमरन बाला ने अपनी शुरुआती पढ़ाई नौशेरा से ही पूरी की। उन्होंने दसवीं तक की शिक्षा स्थानीय स्कूल से हासिल की। इसके बाद उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई नागबानी स्थित महाराजा हरि सिंह एग्रीकल्चरल कॉलेजिएट स्कूल से की। स्कूल के बाद उन्होंने गांधीनगर स्थित गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वीमेन से पॉलिटिकल साइंस विषय में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव सिविल सेवा और देश की सेवा की ओर साफ नजर आने लगा था।
ग्रेजुएशन के समय सिमरन ने तय कर लिया था कि वह सरकारी सेवा के जरिए देश के लिए काम करेंगी। इसी सोच के साथ उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी शुरू की। यह सफर आसान नहीं था, लेकिन लगातार मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।
## सफलता की राह और चुनौतियाँ
साल 2023 में सिमरन बाला ने यूपीएससी की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) परीक्षा पास की। इस कठिन परीक्षा में उन्होंने 82वीं रैंक हासिल की। इस परीक्षा की चयन प्रक्रिया बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, जिसमें लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और साक्षात्कार शामिल होते हैं। इस सफलता के बाद उनका चयन CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ। यह उपलब्धि उनके लिए ही नहीं, बल्कि उनके पूरे इलाके के लिए गर्व का पल बन गई।
चयन के बाद सिमरन बाला ने गुरुग्राम स्थित CRPF अकादमी में बुनियादी और पेशेवर ट्रेनिंग ली। इस दौरान उन्हें लीडरशिप, फील्ड ऑपरेशन, अनुशासन और रणनीतिक फैसले लेने की ट्रेनिंग दी गई। यह प्रशिक्षण किसी भी अर्धसैनिक अधिकारी के करियर की मजबूत नींव माना जाता है। इस दौरान उन्हें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात होने के लिए भी तैयार किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद सिमरन बाला की पहली अहम तैनाती छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हुई। यह इलाका देश के सबसे कठिन ऑपरेशनल जोन में गिना जाता है। ऐसे इलाके में ड्यूटी मिलना यह दिखाता है कि उनमें जिम्मेदारी निभाने की पूरी क्षमता है।
## गणतंत्र दिवस परेड में ऐतिहासिक नेतृत्व
26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करना सिमरन बाला के करियर का एक बड़ा मुकाम है। यह न सिर्फ उनकी मेहनत का नतीजा है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। यह पल देश की सैन्य और अर्धसैनिक बलों में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करेगा।
सिमरन बाला आज उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो छोटे शहरों और सीमावर्ती इलाकों से बड़े सपने देखती हैं। उनकी कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। वे उन सभी युवा उम्मीदवारों के लिए एक मिसाल हैं जो देश सेवा का सपना देखते हैं। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/education/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


