
UPSC Result: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है, जिसमें देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं जैसे आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए कुल 958 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इस वर्ष राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी सीएसई परीक्षा 2025 में टॉप किया है, जबकि राजेश्वरी सुवे एम दूसरे स्थान पर रही हैं।
UPSC Result: सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी, जानें LBSNAA ट्रेनिंग से जुड़ी हर बात
आमतौर पर, यूपीएससी इंटरव्यू समाप्त होने के 4 से 6 दिनों के भीतर परिणाम जारी कर देता है। इस बार इंटरव्यू 27 फरवरी को समाप्त हुए थे, और 6 फरवरी को अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। परिणाम जारी होते ही LBSNAA में होने वाली ट्रेनिंग को लेकर भी चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बहुत कम लोग जानते हैं कि यूपीएससी की कठिन परीक्षा पास करने के बाद भी उम्मीदवारों की असली परीक्षा खत्म नहीं होती है। वास्तव में, चयनित उम्मीदवारों को उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में कड़ी और अनुशासित ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। यहीं से हर सफल अधिकारी के प्रशासनिक करियर की शुरुआत होती है। ऐसे में चलिए, आपको बताते हैं कि आईएएस बनने वाले कैंडिडेट को मिलने वाली LBSNAA की ट्रेनिंग कितनी मुश्किल होती है।
UPSC Result: आखिर कैसे होती है आईएएस अधिकारियों की LBSNAA ट्रेनिंग?
यूपीएससी का परिणाम आने के बाद आमतौर पर करीब डेढ़ महीने के भीतर उम्मीदवारों को LBSNAA में रिपोर्ट करना होता है। यहां सभी सेवाओं के ट्रेनी अधिकारियों को शुरुआत में एक साथ फाउंडेशन कोर्स कराया जाता है। इस दौरान उन्हें प्रशासन की बुनियादी समझ दी जाती है और शारीरिक एवं मानसिक रूप से तैयार किया जाता है। फाउंडेशन कोर्स के पहले चरण में लगभग 15 सप्ताह का शैक्षणिक मॉड्यूल होता है, जिसमें प्रशासन नीति निर्माण और शासन व्यवस्था से जुड़ी पढ़ाई कराई जाती है। इसके साथ ही 40 से 45 दिन का भारत दर्शन कार्यक्रम भी होता है, जिसमें ट्रेनी अधिकारियों को देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है, ताकि वे भारत की विविधता और प्रशासनिक चुनौतियों को करीब से समझ सकें।
LBSNAA में जिला प्रशिक्षण और अंतिम चरण
फाउंडेशन कोर्स के बाद ट्रेनिंग का दूसरा चरण शुरू होता है, जिसमें ट्रेनी अधिकारियों को जिला प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। यह कार्यक्रम करीब 1 साल तक चलता है। इस दौरान अधिकारियों को जिलों में प्रशासनिक कामकाज, कानून व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के संचालन की व्यावहारिक जानकारी दी जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके बाद तीसरे चरण में लगभग 6 सप्ताह का प्रशिक्षण होता है, जहां अधिकारी अपने अनुभवों और सीख को साझा करते हैं। वहीं चौथे चरण में आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय सचिवालय में असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में काम करने का मौका दिया जाता है।
सख्त अनुशासन और सुख-सुविधाएं
LBSNAA में प्रशिक्षण का माहौल काफी अनुशासित माना जाता है। यहां दिन की शुरुआत सुबह की फिजिकल एक्टिविटी से होती है। मॉर्निंग पीटी के अलावा घुड़सवारी, तैराकी, खेल एक्टिविटी और कई दूसरी फिजिकल प्रैक्टिस भी कराई जाती है। ट्रेनी अधिकारियों को औपचारिक ड्रेस कोड का पालन करना होता है और क्लासेस के दौरान अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य होता है। यहां तक कि छोटी-छोटी गलतियों पर भी चेतावनी या मेमो दिए जाने की व्यवस्था होती है। कई बार देर से आने, ड्रेस कोड का पालन न करने या क्लास में अनुशासन भंग करने पर अंक भी काटे जा सकते हैं। वहीं LBSNAA में ट्रेनी अधिकारियों को हॉस्टल आवास, भोजन, लाइब्रेरी, जिम, खेल परिसर और आईटी सेवाओं जैसी सुविधाएं मिलती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्हें ट्रेनिंग के दौरान करीब 56,000 हज़ार प्रतिमाह सैलरी मिलती है, हालांकि हॉस्टल और मेस फीस जैसे खर्चों के बाद लगभग 40,000 हज़ार उनके हाथ में बचते हैं। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें।





