
UPSC Result: देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम परिणाम सामने आ चुका है, जिसमें कई उम्मीदवारों ने अपनी मेहनत से सफलता की नई गाथाएं लिखी हैं। इस साल, अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, वहीं तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे एम ने ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल कर सबको चौंका दिया है। आमतौर पर इतनी ऊंची रैंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) चुनना पसंद करते हैं, लेकिन राजेश्वरी का सपना कुछ अलग है।
UPSC रिजल्ट: AIR-2 राजेश्वरी सुवे का अनूठा फैसला, IAS छोड़ बनेंगी IPS!
UPSC रिजल्ट के बाद राजेश्वरी सुवे का अनोखा सफर
तमिलनाडु के मदुरई की मूल निवासी राजेश्वरी सुवे एम ने इलेक्ट्रॉनिक्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी थी। वर्तमान में, वे डिप्टी कलेक्टर के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं और इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी जारी रखी। यह उनकी मेहनत और अनुशासन का एक बड़ा उदाहरण है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देशभर से लाखों उम्मीदवार हर साल इस परीक्षा में शामिल होते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन बहुत कम ही शीर्ष रैंक तक पहुंच पाते हैं। ऐसे में नौकरी के साथ तैयारी करके AIR-2 जैसे शानदार रैंक हासिल करना उनकी लगन और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। राजेश्वरी की यह उपलब्धि उन सभी उम्मीदवारों के लिए प्रेरणादायक है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
IAS नहीं, IPS बनने का है राजेश्वरी का सपना
यूपीएससी में दूसरी टॉपर होने के बावजूद राजेश्वरी सुवे आईएएस बनने की बजाय आईपीएस सेवा में जाना चाहती हैं। जबकि कई अभ्यर्थी आईएएस न बन पाने के कारण दोबारा प्रयास करते हैं। अपने इस महत्वपूर्ण फैसले के पीछे राजेश्वरी ने एक साक्षात्कार में बताया कि वर्दी वाली नौकरी का सपना उन्होंने कॉलेज के दिनों से ही देखा था। वे एनसीसी कैडेट थीं, जहाँ से उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और सेवा का अनुभव मिला। एनसीसी के दौरान, उन्हें पुलिस और सुरक्षा सेवाओं से जुड़े कार्यों को करीब से समझने का अवसर मिला। इसी अनुभव ने उनके मन में आईपीएस बनने का लक्ष्य तय कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका मानना है कि पुलिस सेवा में रहकर समाज के बीच सीधे तौर पर काम करने और सकारात्मक बदलाव लाने का मौका मिलता है। यही वजह है कि शानदार रैंक मिलने के बाद भी उन्होंने आईएएस नहीं, बल्कि आईपीएस को ही अपनी पहली पसंद बताया है। उनका यह फैसला दिखाता है कि करियर के चयन में व्यक्तिगत जुनून और सेवा भाव कितना महत्वपूर्ण होता है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें।





