back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 19, 2026
spot_img

चीन में भारतीय राजदूत बने विक्रम दोराईस्वामी: एक महत्वपूर्ण Sarkari Naukri अपडेट

spot_img
- Advertisement -

Sarkari Naukri: भारत की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है, जहां भारत-चीन संबंधों की जटिलता को देखते हुए एक अनुभवी राजनयिक को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वरिष्ठ अधिकारी विक्रम दोराईस्वामी को अब चीन में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया गया है, और उनके इस पदभार संभालने से दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

- Advertisement -

# चीन में भारतीय राजदूत बने विक्रम दोराईस्वामी: एक महत्वपूर्ण Sarkari Naukri अपडेट

- Advertisement -

## विक्रम दोराईस्वामी का करियर: एक उच्च-स्तरीय Sarkari Naukri का सफर

- Advertisement -

विक्रम दोराईस्वामी का यह सफर उन्हें देश की सबसे प्रतिष्ठित Sarkari Naukri में से एक तक ले गया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के रिश्ते काफी चुनौतियों भरे रहे हैं, खासकर पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण रहे। ऐसे समय में जब दोनों देश धीरे-धीरे संबंधों को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं, बीजिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एक राजदूत के रूप में, उन्हें दोनों देशों के बीच संवाद और समझ को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति भारत की विदेश नीति की प्राथमिकताओं को दर्शाती है, जहां चीन के साथ स्थिर और रचनात्मक संबंध बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इस महत्वपूर्ण पद की Vacancy Details को देखें तो इसमें गहन कूटनीतिक अनुभव और भाषा दक्षता की आवश्यकता होती है, जो श्री दोराईस्वामी के पास प्रचुर मात्रा में है।

## विक्रम दोराईस्वामी की शिक्षा और प्रारंभिक करियर

विक्रम दोराईस्वामी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्हें विभिन्न देशों के इतिहास और संस्कृति को समझने में गहरी रुचि विकसित हुई। सरकारी सेवा में आने से पहले, उन्होंने कुछ समय के लिए पत्रकारिता भी की, जिसने उन्हें समाज और विश्व को करीब से जानने का अनमोल अवसर प्रदान किया।

साल 1992 में विक्रम दोराईस्वामी ने भारतीय विदेश सेवा (IFS) में प्रवेश किया। उनकी शुरुआती ट्रेनिंग नई दिल्ली में हुई, जहां उन्होंने कूटनीति के विभिन्न पहलुओं को गहराई से समझा। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, उनका पहला महत्वपूर्ण विदेशी पदस्थापन हांगकांग में हुआ, जहां उन्होंने 1994 में तीसरे सचिव के रूप में कार्यभार संभाला। हांगकांग में रहते हुए, उन्होंने चीनी भाषा सीखने का निर्णय लिया और चीनी विश्वविद्यालय हांगकांग के भाषा केंद्र में अध्ययन किया। चीनी भाषा पर उनकी अच्छी पकड़ उनके करियर के लिए एक गेमचेंजर साबित हुई, क्योंकि इसने उन्हें चीन से संबंधित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  विक्रम दोराईस्वामी बने चीन में नए Indian Ambassador to China, जानें उनका शानदार करियर

## चीन और यूके में अनुभव

विक्रम दोराईस्वामी का चीन से पुराना नाता है। उन्हें साल 1996 में बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में तैनात किया गया था, जहां उन्होंने लगभग चार वर्षों तक काम किया। इस दौरान, उन्होंने चीन की राजनीतिक व्यवस्था, सामाजिक ताने-बाने और कार्यप्रणाली को बहुत करीब से देखा और समझा।

यह भी पढ़ें:  मिडिल ईस्ट के छात्रों के लिए नया मूल्यांकन, जल्द आएगा CBSE Result

चीन में राजदूत बनने से पहले, विक्रम दोराईस्वामी यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त के रूप में सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दे रहे थे। वहां उन्होंने भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी Vacancy Details में उच्चायुक्त के रूप में प्राप्त अनुभव भी शामिल है, जो उन्हें चीन जैसे महत्वपूर्ण देश में प्रतिनिधित्व के लिए योग्य बनाता है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/education/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Darbhanga News: दरभंगा में 1800 लीटर शराब पर चला सरकारी बुलडोजर, होली से पहले उत्पाद विभाग का बड़ा एक्शन

Darbhanga News: दरभंगा में 1800 लीटर शराब पर चला सरकारी बुलडोजर, होली से पहले...

चंगेरी में निकली भव्य Kalash Yatra, 1100 महिलाओं के जयकारों से गूंज उठा इलाका, जानें पूरी खबर

Kalash Yatra: भक्ति की ऐसी धारा बही कि बाराहाट का चंगेरी मिर्जापुर गांव आस्था...

Chaitra Navratri 2024: भागलपुर में भक्ति की बयार, काली मंदिर में सुंदरकांड पाठ से गूंजा पूरा इलाका, उमड़े श्रद्धालु

Chaitra Navratri 2024: जैसे ही चैत्र मास की पहली सुबह दस्तक देती है, फिजाओं...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें