Akshay Khanna News: फिल्म ‘धुरंधर’ में ‘रहमान डकैत’ के किरदार से अक्षय खन्ना ने जो धमाल मचाया है, वह दर्शकों के दिलों पर अपनी गहरी छाप छोड़ गया है। उनकी शांत, गंभीर और बेचैन कर देने वाली अदाकारी ने सिनेमाघरों में खूब वाहवाही बटोरी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुरुआत में अक्षय खन्ना इस दमदार रोल को निभाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे? आखिर ऐसी क्या कहानी थी जो उन्हें मनाने में एक साल का लंबा इंतजार करना पड़ा?
Akshay Khanna News: जब ‘रहमान डकैत’ का रोल ठुकरा रहे थे अक्षय खन्ना, एक साल बाद ऐसे हुए राजी!
Dhurandhar में Akshay Khanna का सफर
फिल्म ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह, आर माधवन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल जैसे दिग्गज सितारों ने अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा है। इस मल्टी-स्टारर फिल्म में अक्षय खन्ना का ‘रहमान डकैत’ का शांत और दमदार अभिनय फिल्म के सबसे यादगार पहलुओं में से एक बन गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हाल ही में कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने फिल्म की कास्टिंग से जुड़ी दिलचस्प कहानी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अक्षय खन्ना को इस प्रोजेक्ट में शामिल करने के लिए एक साल तक लगातार धैर्य और समझाने-बुझाने की जरूरत पड़ी।
जब मुकेश छाबड़ा इस प्रोजेक्ट से जुड़े, तब तक रणवीर सिंह का नाम पहले ही फाइनल हो चुका था। बॉलीवुड में अक्सर यह देखा जाता है कि एक बड़े स्टार के फाइनल होने के बाद दूसरे बड़े कलाकार किसी प्रोजेक्ट से जुड़ने में हिचकिचाते हैं, उन्हें लगता है कि कहीं वे पीछे न रह जाएं। लेकिन छाबड़ा ने इस पुरानी परंपरा को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने हर भूमिका के लिए, चाहे वह आर. माधवन का किरदार हो या कोई छोटा सपोर्टिंग रोल, सभी कलाकारों को समान गंभीरता से अप्रोच किया। उनकी इस अनोखी सोच ने शुरू में निर्देशक आदित्य धर को थोड़ा असहज कर दिया था।
मुकेश छाबड़ा की जिद और ‘रहमान डकैत’ का रहस्य
मुकेश छाबड़ा ने जब ‘रहमान डकैत’ के किरदार के लिए अक्षय खन्ना का नाम सुझाया, तो आदित्य धर की प्रतिक्रिया थोड़ी संदेह भरी थी। छाबड़ा ने उस पल को याद करते हुए बताया, “आदित्य को लगा कि मैं कुछ ज्यादा ही महत्वाकांक्षी हो रहा हूं, लेकिन मुझे पूरा विश्वास था कि अक्षय पाजी इस किरदार के लिए बिल्कुल सही रहेंगे।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अक्षय खन्ना से फोन पर बात करना बस शुरुआत थी, और वह भी एक अच्छी शुरुआत नहीं। छाबड़ा ने स्वीकार किया, “मैंने उस समय ‘छावा’ देखी भी नहीं थी। मैंने उन्हें फोन किया और सबसे पहले उन्होंने मुझे डांट दिया। उन्होंने कहा, ‘क्या पागल हो गया है?'” खन्ना की बेहद निजी और चुनिंदा फिल्में करने की छवि उस वक्त सही साबित हुई। लेकिन मुकेश छाबड़ा डटे रहे और उन्होंने अक्षय खन्ना से सिर्फ एक ही निवेदन किया कि वह मना करने से पहले स्क्रिप्ट सुन लें।
फिर अक्षय खन्ना बेमन से मिलने के लिए राजी हो गए, हालांकि इसमें भी उन्हें कुछ झिझक थी। मुंबई के जाने-माने फिल्म जगत से दूर रहने के कारण, उन्होंने छाबड़ा से मुलाकात की जगह साफ-साफ बताने को कहा।
चार घंटे की मीटिंग और ‘हां’ का जादू
मुकेश छाबड़ा और अक्षय खन्ना की मुलाकात काफी लंबी चली। अक्षय खन्ना, मुकेश छाबड़ा और आदित्य धर के साथ लगभग चार घंटे तक चुपचाप बैठे रहे और स्क्रिप्ट को सुनते रहे। छाबड़ा ने बताया, “उन्होंने शायद ही कभी बीच में टोका। वे सिगरेट पीते रहे और सिर्फ सुनते रहे।” जब स्क्रिप्ट का नरेशन खत्म हुआ तो अक्षय खन्ना ने एक ऐसा रिएक्शन दिया जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने कहा, “‘वाह, यह तो बहुत बढ़िया है,’ ‘बहुत मजा आएगा।” दो चिंता भरे दिन बीत गए, फिर छाबड़ा का फोन बजा। मुकेश ने बताया, “उसने बस फोन किया और कहा, ‘चलो करते हैं, भाई, बस इतना ही।” मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। इस तरह से ‘धुरंधर’ की कास्टिंग में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया और अक्षय खन्ना ‘रहमान डकैत’ के रूप में हमें एक यादगार प्रदर्शन दे पाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



