
AR Rahman News: बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों एक बड़े विवाद ने जन्म ले लिया है, जिसकी जड़ें मशहूर संगीतकार ए आर रहमान के एक बयान से जुड़ी हैं। उनके इस बयान ने फिल्म इंडस्ट्री में सांप्रदायिक भेदभाव पर एक नई बहस छेड़ दी है, जिस पर अब संगीतकार सलीम मर्चेंट ने भी अपनी राय व्यक्त की है।
ए आर रहमान: बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव पर सलीम मर्चेंट का बड़ा बयान
मशहूर म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान के एक बयान ने फिल्म जगत में हलचल मचा दी है। उन्होंने कुछ समय पहले बीबीसी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें पहले की तरह बॉलीवुड में काम के ऑफर नहीं मिल रहे हैं, और इसके पीछे उन्होंने सांप्रदायिक भेदभाव को एक वजह बताया था। उनके इस बयान पर कई बॉलीवुड हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी, और अब संगीतकार सलीम मर्चेंट ने भी इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी है।
ए आर रहमान के सांप्रदायिक भेदभाव वाले बयान पर सलीम मर्चेंट की बेबाकी
हाल ही में आईएएनएस से बातचीत के दौरान, म्यूजिक कंपोजर सलीम मर्चेंट ने ए आर रहमान के फिल्म इंडस्ट्री में सांप्रदायिक भेदभाव वाले बयान पर अपनी राय साझा की। सलीम ने रहमान के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं लगता कि ऐसी स्थितियों में सांप्रदायिक भेदभाव की कोई भूमिका होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कंपोजर ने जोर देकर कहा कि उनकी यह राय उनके अपने अनुभव और नजरिए पर आधारित है, और उन्होंने यह भी माना कि रहमान के इंडस्ट्री में अलग अनुभव हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को एक ही नजर से देखना सही नहीं होगा। मैं अपनी व्यक्तिगत राय साझा कर रहा हूं और यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति इस बात से सहमत हो।’ यह पूरा बॉलीवुड विवाद अब इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बन गया है।
‘रामायण’ के संगीत पर सवाल, भेदभाव कैसे संभव?
सलीम मर्चेंट ने आगे रहमान के आने वाले प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए अपनी बात को और स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, ‘अगर ए आर रहमान को भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही ‘रामायण’ के लिए संगीत तैयार करने का मौका मिल रहा है, तो यह मानना मुश्किल है कि उनके साथ किसी तरह का सांप्रदायिक पक्षपात किया जा रहा है।’ ‘रामायण’ एक हिंदू पौराणिक कथा पर आधारित प्रोजेक्ट है, और सलीम के अनुसार, यह दर्शाता है कि इंडस्ट्री रहमान की प्रतिभा को उनकी धार्मिक पहचान के बावजूद महत्व देती है। हालांकि, उन्होंने फिर से दोहराया कि यह उनकी अपनी राय है और रहमान के अपने कारण हो सकते हैं।
ए आर रहमान ने आखिर क्या कहा था?
यह पूरी चर्चा कुछ समय पहले बीबीसी एशियन नेटवर्क के साथ रहमान के एक इंटरव्यू के बाद शुरू हुई थी। मशहूर कंपोजर से पूछा गया था कि क्या तमिल कंपोजर होने की वजह से उन्होंने बॉलीवुड में कभी भेदभाव का सामना किया है। इस सवाल के जवाब में रहमान ने कहा था, ‘जो लोग क्रिएटिव नहीं हैं, उनके पास अब चीजें तय करने की पावर है, और यह एक कम्युनिटी वाली बात भी हो सकती थी, लेकिन मेरे सामने नहीं। यह मुझे चीनी फुसफुसाहट की तरह लगता है कि उन्होंने आपको बुक किया, लेकिन म्यूजिक कंपनी ने आगे बढ़कर अपने पांच कंपोजर्स को हायर कर लिया। मैंने कहा, ‘ओह, यह बहुत अच्छा है, मेरे लिए आराम करो, मैं अपने परिवार के साथ चिल कर सकता हूं।’ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विवाद के बाद रहमान ने दी थी सफाई
अपनी बातों के बाद हुई बहस और आलोचना के बाद, ए आर रहमान ने बाद में अपने इरादे साफ करते हुए एक वीडियो मैसेज साझा किया था। कंपोजर ने समझाया कि उनका कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि म्यूजिक हमेशा एक ऐसा पुल रहा है जो कल्चर्स को जोड़ता है और डाइवर्सिटी का जश्न मनाता है। रहमान ने कहा, ‘प्यारे दोस्तों, म्यूजिक हमेशा से किसी कल्चर से जुड़ने, उसे सेलिब्रेट करने और उसका सम्मान करने का मेरा तरीका रहा है। इंडिया मेरी इंस्पिरेशन, मेरा टीचर और मेरा घर है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी इरादे गलत समझे जा सकते हैं, लेकिन मेरा मकसद हमेशा म्यूजिक के जरिए दूसरों को ऊपर उठाना, सम्मान देना और उनकी सेवा करना रहा है। मैंने कभी किसी को दुख पहुंचाना नहीं चाहा और मुझे उम्मीद है कि मेरी ईमानदारी को महसूस किया जाएगा।’ मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



