
Badshah News: बॉलीवुड के गली-मोहल्लों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक धूम मचाने वाले रैपर बादशाह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार उनके संगीत की धुनें नहीं, बल्कि एक गाना उन्हें विवादों के भंवर में खींच लाया है।
Badshah के ‘टटिहरी’ गाने पर भड़की महिला आयोग, भेजा समन!
आखिर Badshah के ‘टटिहरी’ गाने पर क्यों हुआ बवाल?
Badshah के नए हरियाणवी गाने ‘टटिहरी’ को लेकर हरियाणा महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस गाने के आपत्तिजनक गाने के बोल और वीडियो कंटेंट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए रैपर बादशाह को समन भेजा है, जिसमें उन्हें पेश होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पूरा मामला दरअसल बादशाह के हालिया रिलीज हुए हरियाणवी ट्रैक ‘टटिहरी’ से जुड़ा है, जिसके कुछ बोल और वीडियो में फिल्माए गए दृश्यों पर महिला आयोग ने आपत्ति जताई है। आयोग का स्पष्ट मानना है कि यह गाना महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है और हरियाणवी संस्कृति के विपरीत है।
यह विवाद तब गहराया जब ‘टटिहरी’ गाना रिलीज हुआ। इस गाने में उपयोग किए गए कुछ गाने के बोल सीधे तौर पर महिला आयोग की नजरों में खटक गए। इसके साथ ही, गाने के वीडियो में जिस तरह से स्कूल ड्रेस में छोटी बच्चियों को दिखाया गया है, उस पर भी आयोग ने गहरी आपत्ति जताई है। आयोग ने कहा है कि हरियाणवी समाज और उसकी समृद्ध संस्कृति में ऐसे आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग अस्वीकार्य है।
इस पूरे मामले में 6 मार्च को जारी किए गए आधिकारिक समन के अनुसार, आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया, जो बादशाह के नाम से जाने जाते हैं, को प्राइमरी रिस्पोंडेंट बताया गया है। यह समन पानीपत के पुलिस अधीक्षक के नाम से जारी किया गया है और इसमें स्थानीय अधिकारियों को 13 मार्च, 2026 को सुबह 11:30 बजे पानीपत स्थित डीसी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में निर्धारित सुनवाई के दौरान सभी संबंधित पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इस सुनवाई की अध्यक्षता भाटिया करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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संस्कृति और कला की आजादी पर सवाल
यह विवाद एक बार फिर से कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक मर्यादाओं के बीच के संतुलन पर सवाल खड़ा करता है। एक तरफ कलाकार अपनी रचनात्मकता को समाज के सामने रखना चाहते हैं, तो दूसरी ओर नियामक संस्थाएं समाज की सांस्कृतिक अखंडता और महिलाओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रयासरत रहती हैं। बादशाह का यह गाना, जो कुछ ही दिन पहले रिलीज हुआ था और हरियाणवी संस्कृति की झलक दिखाता है, अब इसी कशमकश का हिस्सा बन गया है। अब देखना यह होगा कि 13 मार्च को होने वाली सुनवाई में बादशाह अपना क्या पक्ष रखते हैं और इस विवाद का क्या अंत होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





