

Karan Tacker News: छोटे पर्दे पर अपनी एक्टिंग का जादू बिखेरने वाले करण टैकर का फिल्मी दुनिया में कदम रखना उतना आसान नहीं रहा, जितना लगता है। कई सालों से वो बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने जिस भेदभाव का खुलासा किया है, वो वाकई चौंकाने वाला है।
Karan Tacker: ‘टीवी एक्टर हो तो लीड रोल नहीं मिलेगा’, करण टैकर ने बयां किया बॉलीवुड का कड़वा सच!
Karan Tacker News: टीवी इंडस्ट्री में अपनी धाक जमाने के बाद बॉलीवुड में एंट्री करना कई सितारों के लिए सपनों जैसा होता है, लेकिन छोटे पर्दे के मशहूर अभिनेता करण टैकर के लिए यह राह चुनौतियों से भरी रही है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के उस कड़वे सच से पर्दा उठाया है, जिसका सामना अक्सर टीवी एक्टर्स को करना पड़ता है।
करण टैकर ने वैराइटी इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि टीवी एक्टर होने की वजह से उन्हें फिल्मों में लीड रोल नहीं मिल पाता था। उनके मुताबिक, इंडस्ट्री के बड़े नाम साफ तौर पर कह देते थे कि टीवी एक्टर को बतौर लीड कास्ट नहीं किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह खुलासा वाकई हैरान करने वाला है।
करण ने बताया कि लीड रोल पाने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया, लेकिन हर बार उन्हें यही सुनने को मिलता कि उनकी पहचान टीवी एक्टर की है। बॉलीवुड में भेदभाव का यह सिलसिला काफी पुराना है और कई टीवी कलाकारों ने इसे पहले भी महसूस किया है।
Karan Tacker का बॉलीवुड स्ट्रगल: जब नीरज पांडे ने थामी हाथ
अभिनेता ने आगे कहा, ‘मेरा मानिए, आज मुझे साढ़े पांच साल हो गए हैं और मैं इतने समय से ओटीटी पर काम कर रहा हूं। अगर मुझे नीरज पांडे का साथ नहीं मिलता तो शायद कोई भी प्लेटफॉर्म मेरे साथ काम करने के लिए तैयार नहीं होता और ना ही कोई मेरे साथ काम करना चाहता था।’ यह उनके बॉलीवुड स्ट्रगल की कहानी का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीवी एक्टर होने की वजह से उनके प्रति एक पूर्वाग्रह था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
करण ने बताया कि ऐसे विरोध और गलत विचारों के बावजूद उनकी जिंदगी में हमेशा ऐसे लोग रहे, जिन्होंने उन पर भरोसा किया और धीरे-धीरे ही सही, काम चलता रहा। इसी धैर्य की बदौलत आज वह इस मुकाम पर हैं। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। उनका मानना है कि जब तक यह सोच नहीं बदलेगी, तब तक उनके जैसे कई एक्टर्स को आगे बढ़ने में समय लगेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
टीवी एक्टर्स के लिए राह क्यों है मुश्किल?
इंडस्ट्री में आज भी टीवी एक्टर्स को लेकर जो धारणाएं बनी हुई हैं, वे उनके बॉलीवुड स्ट्रगल को और बढ़ा देती हैं। बड़े पर्दे पर आने वाले नए चेहरों को अक्सर टीवी की पृष्ठभूमि से होने के कारण कमतर आंका जाता है, जबकि टैलेंट का कोई माध्यम नहीं होता। करण टैकर का यह अनुभव सिर्फ उनका नहीं, बल्कि कई टीवी कलाकारों का दर्द है।
करण टैकर ने साफ संदेश दिया है कि जब तक यह मानसिकता नहीं बदलेगी कि टीवी एक्टर्स बड़े पर्दे पर लीड रोल नहीं निभा सकते, तब तक बहुत से प्रतिभावान कलाकारों को अपनी जगह बनाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। उम्मीद है कि करण का यह खुलासा इंडस्ट्री में बदलाव की एक नई किरण लेकर आएगा।



